राज्योत्सव 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 36 विभूतियों और संस्थाओं को किया राज्य अलंकरण से सम्मानित

रायपुर ( मनोज वर्मा )
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ का समापन समारोह अत्यंत गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने वाली 36 प्रतिष्ठित विभूतियों एवं संस्थाओं को ‘राज्य अलंकरण पुरस्कार’ से सम्मानित किया।
समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रम, शिक्षा और चिकित्सा सहित विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को उनकी सेवाओं के लिए राज्य के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया।
राज्य अलंकरण सम्मानित विभूतियाँ एवं संस्थाएँ एक नजर में:
- शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान (आदिवासी सामाजिक चेतना): डुमन लाल ध्रुव (धमतरी)
- यति यतनलाल सम्मान (अहिंसा एवं गोरक्षा): विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी (दुर्ग)
- गुण्डाधूर सम्मान (खेल): संजू देवी (कोरबा)
- मिनीमाता सम्मान (महिला उत्थान एवं जनजागृति): लोक आस्था सेवा संस्थान, गरियाबंद लता नेताम)
- गुरु घासीदास सामाजिक चेतना सम्मान: सुखचंद भास्कर (कबीरधाम)
- ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार (सहकारिता): प्राथमिक कुडुक मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट (बस्तर)
- हबीब तनवीर सम्मान (रंगकर्म): डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर (रायपुर)
- महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान (तीरंदाजी): टोमन कुमार (बालोद)
- पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान (सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक क्षेत्र): तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान, नेहरू नगर (बिलासपुर)
- पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान (हिन्दी साहित्य): डॉ. बिहारीलाल साहू (रायगढ़)
- चक्रधर सम्मान (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य): डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति (रायपुर)
- दाऊ मंदराजी सम्मान (लोक नाट्य एवं लोक शिल्प): रेखा जलक्षत्री (रायपुर)
- डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार (कृषि): पुन्नीदास भट्ट (कबीरधाम)
- महाराजा अग्रसेन सम्मान (सामाजिक समरसता): बाबूलाल अग्रवाल (रायगढ़)
- चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिन्दी प्रिंट मीडिया): प्रमोद कुमार साहू (रायपुर)
- चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): बरुण सखाजी एवं रसिका पांडेय (संयुक्त रूप से, रायपुर)
- मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (अंग्रेजी प्रिंट मीडिया): शिशिर रॉय चौधरी (रायपुर)
- धन्वन्तरि सम्मान (आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा एवं शोध): डॉ. दिनेश कुमार नाग (धमतरी)
- श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार: प्रदीप कुमार सोनी (बालोद)
- राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा पुरस्कार: डॉ. बहुरन सिंह पटेल (रायपुर)
- डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा पुरस्कार: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर ( सी. श्रीनिवास यंगम)
- स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार: अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह (बलौदाबाजार)
- पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान (अपराध अनुसंधान): सुरेश कुमार ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक (रायपुर)
- छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान: दीपाली सरावगी (दंतेवाड़ा)
- किशोर साहू सम्मान (सिनेमा – रचनात्मक लेखन/निर्देशन): सैयद ताहिर अली (करन खान, रायपुर)
- लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान (छत्तीसगढ़ी लोकगीत): साधना यादव (दुर्ग)
- देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार: सी.एल. रात्रे (आरंग, रायपुर)
- खुमान साव सम्मान (छत्तीसगढ़ी लोक संगीत): चंद्रभूषण वर्मा (रायपुर)
- लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार (आंचलिक साहित्य): दुर्गा प्रसाद पारकार (दुर्ग)
- किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण (सिनेमा निर्देशन): मोहन सुंदरानी (रायपुर)
- बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान (विधि): कौस्तुभ शुक्ला (दिल्ली) एवं हेमन्त कुमार मिश्र (संयुक्त रूप से, रायपुर)
- माता बहादुर कलारिन सम्मान (नारी उत्थान): बुलबुल बैदया (कांकेर)
- पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान: श्री अनंत विजय (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश)
- डॉ. तीज़न बाई सम्मान (पंडवानी कला): चेतन लाल देवांगन (पाहंदा, दुर्ग)
- चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार: सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय ‘सन्नी’ (कबीरधाम)
- संत रविदास सम्मान (सामाजिक समरसता एवं साहित्य): जगदीश प्रसाद देशमुख (बालोद)
समारोह का मुख्य संदेश:
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का यह समापन समारोह प्रदेश की लोककला, संस्कृति, साहित्य, सामाजिक समरसता, जनजातीय परंपराओं और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को एक प्रतिष्ठित पहचान देने का माध्यम बना। इन पुरस्कारों के जरिए राज्य की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में रचनात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी गई।
