नशे के छोटे पेडलर बस नहीं बल्कि पूरा नेटवर्क की जड़ पर होगा हमला, संपत्तियां होंगी कुर्क – विजय शर्मा
तस्करों की काली कमाई खंगालेगी CA की स्पेशल टीम, एनडीपीएस और सफेमा के तहत संपत्तियां होंगी कुर्क

31 दिसंबर का अल्टीमेटम: मालखानों में वर्षों से जमा जब्त नशा 6 महीने से पुराना है तो होगा स्वाहा
अस्पतालों-कॉलेजों के पास बिकने वाली नशीली दवाओं पर बैन, 1933 हेल्पलाइन पर मिलेगी गुप्त सूचना

रायपुर
छत्तीसगढ़ को नशा मुक्त बनाने और इसके अंतरराष्ट्रीय-अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा ‘मास्टर प्लान’ तैयार कर लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस महकमे को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि सड़क पर छोटी-मोटी पुड़िया बेचने वाले पैडलरों को जेल भेजकर कार्रवाई की इतिश्री न की जाए। अब निशाना उन ‘ड्रग लॉर्ड्स’ (बड़ों तस्करों), फाइनेंसरों और संगठित सिंडिकेट पर होगा, जो पर्दे के पीछे बैठकर करोड़ों का यह काला साम्राज्य चला रहे हैं।
नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई हाई-लेवल स्टेट रिव्यू मीटिंग में गृह मंत्री ने साफ कर दिया कि नशे के खिलाफ यह जंग सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि “आने वाली पीढ़ी के भविष्य और देशभक्ति” से जुड़ा सवाल है।
1. तस्करों की ‘आर्थिक रीढ़’ पर सर्जिकल स्ट्राइक
नशे के सौदागरों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से पंगु बनाने के लिए पहली बार चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA), वित्तीय विश्लेषकों और लीगल एक्सपर्ट्स की एक स्पेशल टास्क कमेटी बनाई जा रही है।
काम क्या होगा? यह टीम तस्करों के बेनामी खातों, हवाला लेन-देन और नशे के पैसे से खरीदी गई जमीनों/गाड़ियों का ब्योरा खंगालेगी।
कार्रवाई: एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और सफेमा (SAFEMA) के कड़े नियमों के तहत ऐसी तमाम काली संपत्तियों को सीधे कुर्क (Freeze) किया जाएगा।
2. मेडिकल स्टोरों पर ‘ड्रग इंस्पेक्टरों’ का कड़ा पहरा
सूखे नशे, प्रतिबंधित कैप्सूल, कफ सिरप और सिरिंज की अवैध बिक्री रोकने के लिए जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात होंगे।
हॉटस्पॉट पर नजर: स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों के आसपास स्थित मेडिकल दुकानों की अचानक चेकिंग होगी।
अगर किसी दुकान से बिना पर्ची के नशीली दवाएं बेचे जाने का मामला मिला, तो लाइसेंस रद्द करने के साथ सख्त आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।
3. 31 दिसंबर तक ‘मालखानों’ की सफाई
विभिन्न पुलिस थानों और मालखानों में बरसों से पड़े जब्त मादक पदार्थों के लिए 31 दिसंबर 2026 की समय-सीमा तय की गई है।
नियम: 30 जून 2026 तक जब्त किए गए और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर चुके 6 महीने से पुराने सभी नशीले पदार्थों को स्पेशल ड्राइव चलाकर पूरी तरह से नष्ट (Destroy) किया जाएगा।
गाड़ियों की नीलामी: तस्करी में जब्त की गई गाड़ियाँ महीनों थानों में सड़ती थीं, अब उन्हें अगले 3 महीने के भीतर राजसात कर नीलाम किया जाएगा।
1933 पर दें गुप्त सूचना, नाम रहेगा पूरी तरह गुप्त
नशे के खिलाफ इस जंग को आम जनता का आंदोलन बनाने के लिए गृह मंत्री ने राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल-फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं। कोई भी नागरिक इस नंबर पर तस्करों की गोपनीय जानकारी दे सकता है, उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
“विदेशी ताकतें भारत के युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने का षड्यंत्र रच रही हैं। हम छत्तीसगढ़ की धरती पर इस ज़हर का कारोबार करने वाले किसी भी आका को बख्शेंगे नहीं। पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जाएगा।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री, छत्तीसगढ़