बिलासपुर: सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की नृशंस हत्या के मामले में न्याय की मांग जोर पकड़ने लगी है। पीड़ित परिवार को संबल प्रदान करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, बिलासपुर ने मोर्चा संभाल लिया है। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का सख्त रुख
धरना स्थल पर उपस्थित छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जिला बिलासपुर के अध्यक्ष अनिल पाली ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी के बेटे के साथ हुए इस अन्याय को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को अविलंब गिरफ्तार नहीं किया, तो छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना चुप नहीं बैठेगी। अनिल पाली ने घोषणा की कि न्याय मिलने तक संगठन पीड़ित परिवार के साथ सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
संगठन की प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें पुरजोर तरीके से रखी हैं:
- त्वरित और निष्पक्ष जांच: हत्याकांड की जांच में किसी भी तरह की हीला-हवाली न हो और सभी दोषी सलाखों के पीछे हों।
- पीड़ित परिवार को राहत: शोक संतप्त परिवार को उचित आर्थिक सहायता और आश्रित को तत्काल सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- सुरक्षा व्यवस्था: भविष्य में बाल संप्रेक्षण गृहों में इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
”न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष”
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दोहराया है कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान की है। संगठन ने संकल्प लिया है कि वे पीड़ित परिवार की ढाल बनकर उनके साथ हर कदम पर खड़े रहेंगे। बिलासपुर इकाई के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इस आंदोलन को नई गति और गंभीरता प्रदान की है, जिससे अब स्थानीय प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का भारी दबाव बढ़ गया है।


