Wednesday, August 5, 2026

विकसित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: सुशासन और डिजिटल क्रांति से बदल रही है प्रदेश की तस्वीर

रायपुर, 12 जुलाई 2026 | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल सुशासन के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। राज्य सरकार ने सुशासन को केवल एक नीति नहीं, बल्कि अपनी कार्यशैली का मुख्य आधार बनाया है। इसका उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाकर नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना है।

​सुशासन: प्रशासनिक सुधारों का महाअभियान

​मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश में अब तक 435 प्रशासनिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। ये सुधार केवल फाइलों के निपटान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्होंने शासन की कार्य संस्कृति में आमूलचूल परिवर्तन किया है। राजस्व प्रशासन, भूमि प्रबंधन, शिकायत निवारण, ऑनलाइन नागरिक सेवाएं और औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक के उपयोग से सरकार और जनता के बीच विश्वास का एक नया सेतु निर्मित हुआ है।

​डिजिटल गवर्नेंस से पारदर्शी व्यवस्था

​राज्य सरकार ने ‘डिजिटल गवर्नेंस’ को शासन का अभिन्न अंग बना लिया है।

  • अटल मॉनिटरिंग पोर्टल: महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए 25 दिसंबर 2023 को इसकी शुरुआत की गई।
  • ई-ऑफिस और ऑनलाइन पोर्टल: ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल और स्वागतम पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है।

​मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: जनता के भरोसे की आवाज़

​नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ एक शक्तिशाली माध्यम बनी है। इसमें 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं। 1195 श्रेणियों में शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था है, जहां हर शिकायत को एक विशिष्ट आईडी दी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। 24×7 संचालित यह व्यवस्था राज्य की संवेदनशीलता का प्रमाण है।

​’सेवा सेतु’ से घर-घर पहुंच रही सेवाएं

​डिजिटल प्रवेश द्वार के रूप में विकसित ‘सेवा सेतु’ पोर्टल पर 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश भर के 16,726 ‘सेवा केंद्रों’ के माध्यम से 1 अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख आवेदनों में से 37.52 लाख का सफल निराकरण किया गया है, जिसकी सफलता दर लगभग 94.3 प्रतिशत है।

​निवेश और पंजीयन में ऐतिहासिक सुधार

  • सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना की अनुमतियाँ अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे व्यापार करना और भी आसान हो गया है।
  • पंजीयन में क्रांतिकारी बदलाव: राज्य सरकार ने 28 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त कर जनता को बड़ी राहत दी है। नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू किया गया है, जहाँ मात्र 12 से 15 मिनट में रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो रही है।

​भूमि सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना

​तकनीक आधारित भूमि प्रबंधन और एग्रीस्टैक में उत्कृष्ट कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ₹598 करोड़ का विशेष सहायता अनुदान प्रदान किया है। ड्रोन आधारित सर्वेक्षण और डिजिटल संपत्ति कार्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों में कमी आई है और नागरिकों को अपनी संपत्ति का विधिक अधिकार प्राप्त हुआ है।

​’विकसित छत्तीसगढ़’ का सपना

​मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि सुशासन ही ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने का आधार है। डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और तकनीक के समावेश से छत्तीसगढ़ न केवल डिजिटल प्रशासन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है, बल्कि निवेश के अनुकूल वातावरण और आम नागरिक को केंद्र में रखकर एक सशक्त भविष्य की नींव भी रख रहा है।

spot_img
spot_img

Bilaspur Bulletin

Editor in chief
Kamal kumar gupta
BJMC ,MJMC, ph,D (per)

खबरें और भी है

Home
login
Wtsp
Search
Insta
CONTACT
error: Content is protected !!