मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण में किए भगवान नर-नारायण के दर्शन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मठ मंदिर में गौ माता को गुड़-केला खिलाकर किया पूजन, जगन्नाथ मंदिर में भी टेका माथा
शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र: मुख्यमंत्री
रायपुर (बिलासपुर बुलेटिन):
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले की पावन धार्मिक नगरी शिवरीनारायण पहुंचकर सपत्नीक भगवान नर-नारायण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने राज्य में निरंतर प्रगति, सुख और शांति के लिए भगवान से विशेष प्रार्थना की।

आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है शिवरीनारायण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यह पावन भूमि माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु श्रीराम से जुड़ी स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है। यहां आकर मन को एक विशेष शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है, जिसका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ईश्वर की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा तथा समाज में आपसी सद्भाव, प्रेम और भाईचारा और अधिक मजबूत होगा।
मठ मंदिर में गौ माता का पूजन और संतों से भेंट
भगवान नर-नारायण के दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री साय शिवरीनारायण स्थित मठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गौ माता को गुड़ और केला खिलाया, माल्यार्पण किया और श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन किया। उन्होंने गौ सेवा को हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताया।
मठ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने संतों और स्थानीय श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कहा कि हमारे मठ-मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये सदियों से समाज को संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का कार्य करते आए हैं।
जगन्नाथ मंदिर में टेका माथा
मुख्यमंत्री साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ शिवरीनारायण के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन संगम के पास स्थित इस त्रिवेणी नगरी की महिमा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का गौरवशाली हिस्सा हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, राजेश्री महंत रामसुंदर दास सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे
