
बिलासपुर:
त्योहारी सीजन और आमजन के स्वास्थ्य को लेकर बिलासपुर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कंट्रोलर एवं कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले के कोटा ब्लॉक और सीपत क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गुणवत्ता की जांच के लिए प्रसिद्ध मिठाइयों और खोवे के नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
इन प्रतिष्ठानों से भरे गए नमूने
अनुराधा स्वीट्स (करगी रोड): यहाँ से मिलावट की आशंका के मद्देनजर खोवा (मावा) का नमूना लिया गया।
गुड़िया स्वीट्स: प्रतिष्ठान से बेसन के लड्डू और यहाँ की लोकप्रिय मिठाई ‘कुंदा’ का सैंपल जांच हेतु सील किया गया।
किशोर स्वीट्स (सीपत): इस दुकान से भी ‘कुंदा’ मिठाई का नमूना संग्रहित किया गया।
FSSA 2006 के नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने सभी दुकान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSA 2006) के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए। विभाग ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।
लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली कार्रवाई
खाद्य विभाग की टीम द्वारा संग्रहित किए गए सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला (Laboratory) भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
यह पूरी कार्रवाई खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें आर. आर. देवांगन (अभिहित अधिकारी) , खीरसागर पटेल (वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी) , अविषा मरावी (खाद्य सुरक्षा अधिकारी), प्रतीक तिवारी (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) शामिल रहे ।