राज्योत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र, छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को जानने उमड़ रही भीड़
छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख पर्यटन राज्य बनाना राज्य सरकार का लक्ष्य - मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर ( संदीप गुप्ता )
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित भव्य राज्योत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का स्टॉल आम जनता और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राज्योत्सव के पहले ही दिन से विभागीय स्टॉल पर प्रदेशभर से पहुंचे नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों, धार्मिक केंद्रों तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट्स और आवास सुविधाओं के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं।

विभागीय स्टॉल पर आने वाले लोग बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक सिरपुर, भोरमदेव मंदिर, मैनपाट, बारनवापारा अभयारण्य और डोंगरगढ़ जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के प्रति विशेष रुचि दिखा रहे हैं। नागरिक इन स्थलों तक पहुंचने के मार्ग, आवागमन के साधनों, ठहरने की व्यवस्था और भ्रमण के लिए उपयुक्त समय के बारे में उत्सुकता से जानकारी ले रहे हैं। अनेक परिवार आगामी छुट्टियों में प्रदेश के इन स्थानों की यात्रा की योजना बनाने के उद्देश्य से स्टॉल पर पहुंच रहे हैं।

राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट्स, किराए और आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी लेने में भी लोगों का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक उत्सवों और प्राचीन स्थापत्य कला के बारे में जानने के लिए भी लोग काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

मामले में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और जीवंत जनजातीय संस्कृति का अद्भुत संगम है, जिससे यहां पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है। राज्योत्सव में विभागीय स्टॉल पर लोगों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में घरेलू पर्यटन के बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है