छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही सरकार – विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाई का किया भूमिपूजन।
150 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से स्थापित होगी यह इकाई, जिससे साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली गति, प्रदेश को मिले साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव।
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के युवाओं तक रोजगार और आर्थिक अवसरों के रूप में पहुंचे, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य के तहत नई औद्योगिक विकास नीति में ऐसे श्रम आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिनमें अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश के साथ बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करने की क्षमता है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और प्रदेश की समृद्धि का माध्यम बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाई के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
औद्योगिक विकास यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की यह नई इकाई छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना में 150 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस इकाई में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए अत्याधुनिक उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है। सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ में ऐसे उद्योग अधिक से अधिक स्थापित हों, जो प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराएं। जब युवाओं को अपने ही प्रदेश में कौशल के अनुरूप रोजगार मिलेगा, तो उनके परिवार आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विकसित छत्तीसगढ़ और नई औद्योगिक नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने नई औद्योगिक विकास नीति 2024–2030 में श्रम आधारित क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा को विशेष प्राथमिकता दी है।
प्रदेश में निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही उद्योग लगाने और संचालित करने की प्रक्रियाओं को बेहद सरल बनाया जा रहा है। उद्यमियों को जटिलताओं से मुक्ति दिलाने के लिए ‘जन विश्वास’ सुधारों के अंतर्गत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की विशेष पहल की गई है। नई औद्योगिक नीति को देश-विदेश के निवेशकों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है, और अब तक प्रदेश को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
रोजगारोन्मुख सोच में ऐतिहासिक बदलाव : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति की सोच में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब निवेश का मूल्यांकन केवल पूंजी की राशि से नहीं, बल्कि उससे उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों के आधार पर किया जा रहा है। यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की इकाई इसी सोच का परिणाम है। सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को 200 करोड़ रुपए से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपए से अधिक कर दिया है।
ढाई वर्षों में 3 हजार से अधिक उद्योग स्थापित : उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की पूरी संभावना है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन रितेश नरेडी, सीईओ ए.एन. रविचंद्रन, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
