रायपुर
सरगुजा और बस्तर संभाग में डेयरी विकास को मिलेगी नई गति: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अहम बैठक संपन्न

रायपुर, 17 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (सीजीसीडीएफ) की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र का समग्र विकास करना, दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाना, महिला दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और दुग्ध संग्रहण व विपणन अधोसंरचना को मज़बूत करना है।
- बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष फोकस: बस्तर संभाग के 7 जिलों में बड़ी संख्या में ग्रामीण व अनुसूचित जनजाति परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। यहाँ लगभग 88% गायें स्थानीय नस्ल की हैं, जिनकी दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए पशु पोषण, स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- सरगुजा संभाग में प्रगति: राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से जून 2025 से सरगुजा संभाग के जशपुर (2 हजार लीटर क्षमता) और बलरामपुर (5 हजार लीटर क्षमता) में चिलिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
- बढ़ता दुग्ध संग्रहण: वर्तमान में 45 मिल्क कलेक्शन सेंटर्स के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 3,500 लीटर दूध एकत्र किया जा रहा है, जिससे 1,500 से अधिक महिला उत्पादक सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं।
- पारदर्शी व्यवस्था और सीधा भुगतान: दुग्ध उत्पादकों को पूरी पारदर्शिता के साथ उनके दूध के बिल का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे महिलाओं को नियमित आय मिल रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत हो रही है।
बैठक में समीक्षा और प्रमुख अधिकारी उपस्थिति
बैठक के दौरान पिछली बैठकों की कार्रवाई रिपोर्ट, मानव संसाधन से जुड़ी चुनौतियों, भौतिक-वित्तीय प्रगति और डेयरी समग्र विकास योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे:
- श्री सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग)
- श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी (सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग)
- डॉ. रोहित यादव (सचिव, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग)
- श्री रमेश कुमार शर्मा (आयुक्त, सहकारिता)
- इसके अलावा, राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ, सहकारिता विभाग और फेडरेशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
