सिम्स बिलासपुर में ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ पर जागरूकता रैली एवं कार्यक्रम का आयोजन

बिलासपुर (मनोज वर्मा )
छत्तीसगढ़ के शासकीय सिम्स (CIMS) चिकित्सा महाविद्यालय बिलासपुर में 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह जागरूकता अभियान भारत सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ और ‘राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ के तहत 10 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक विशेष पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है।

जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह एक भव्य मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता रैली के साथ हुई। रैली को सिम्स महाविद्यालय के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. रमणेश मूर्ति ने संबोधित किया और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में सिम्स के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संगीत, खेल और संवाद से तनावमुक्ति का संदेश
मुख्य अतिथि डॉ. रमणेश मूर्ति (अधिष्ठाता, सिम्स) ने संगीत और खेल का उदाहरण देते हुए मानसिक स्वास्थ्य का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी मानसिक समस्या के समाधान के लिए व्यक्ति को अपने आसपास के लोगों से संवाद स्थापित करना चाहिए और अपनी समस्याओं को खुलकर साझा करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. लखन सिंह (चिकित्सा अधीक्षक) ने कहा कि कई गंभीर शारीरिक बीमारियों का मूल कारण खराब मानसिक स्वास्थ्य होता है। उन्होंने तनावमुक्त रहने और तनाव नियंत्रण के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
वर्ष 2026 की थीम पर विस्तृत चर्चा
मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार नायक ने वर्ष 2026 के विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “जीने के अनुभवों को सुना जाए: सच्ची आवाज़ें, सच्चा बदलाव” पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानसिक रोग से मुक्त हुए व्यक्तियों के अनुभवों के आधार पर किस प्रकार चिकित्सकीय बदलाव लाए जा सकते हैं।
विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राकेश कुमार जाँगड़े ने छात्रों को पढ़ाई के दौरान होने वाले तनाव को प्रबंधित करने के टिप्स दिए और युवाओं को नशामुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भ्रांतियों पर प्रहार
कार्यक्रम में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय लगरा, बिलासा नर्सिंग महाविद्यालय बिलासपुर और संदीपनी नर्सिंग महाविद्यालय मस्तूरी के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैली भ्रांतियों को उजागर करते हुए लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
गणमान्य डॉक्टरों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर डॉ. जे. पी. स्वाई, डॉ. शिक्षा जांगड़े, डॉ. सागरिका प्रधान, डॉ. अमित ठाकुर, डॉ. गौरीशंकर सिंह, डॉ. मोनिका साहू, डॉ. रचना चंदेकर सहित मनोरोग विभाग से डॉ. अंकिता खरे, डॉ. अंशुल गुप्ता, डॉ. प्रियांश दुबे, डॉ. सत्यस्मिता जेना, डॉ. तुलेश्वर, डॉ. आयुष, डॉ. यश और डॉ. कनिष्क की सक्रिय सहभागिता रही।
