स्मार्ट मीटर के बढ़े बिलों पर आर-पार की लड़ाई की तैयारी: बिलासपुर में कल कांग्रेस की विशेष बैठक, मचेगा सियासी घमासान
बिलासपुर — प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों के जरिए आ रहे मनमाने और भारी-भरकम बिजली बिलों ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। इस जनसमस्या को लेकर जिला , शहर कांग्रेस कमेटी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन में एक उच्च-स्तरीय विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन और उग्र विरोध-प्रदर्शन का शंखनाद किया जाएगा।
- बजट पर सीधी चोट: कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। अप्रत्याशित रूप से बढ़े बिलों ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
- घर-घर फॉर्म भरवाने का अभियान: आंदोलन को धार देने के लिए कांग्रेस ने हर गांव और वार्ड में घर-घर जाकर शिकायत फॉर्म भरवाने का बीड़ा उठाया है, ताकि उपभोक्ताओं का डेटा एकत्र कर इसे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मजबूती से रखा जा सके।
- उग्र आंदोलन की चेतावनी: पार्टी साफ कर चुकी है कि यदि जनता को राहत नहीं मिली, तो पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार पर बरसे ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री
ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार जनता को राहत देने के बजाय सिर्फ निजी कंपनियों की तिजोरी भरने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार के सामने तीन सूत्रीय अल्टीमेटम रखा है:
- बिजली दरों की बेतहाशा बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए।
- जनता पर थोपी गई ‘स्मार्ट मीटर’ योजना पर तत्काल पुनर्विचार हो।
- पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की लोकप्रिय ‘400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना’ को दोबारा लागू किया जाए।
कौन-कौन दिग्गज रहेंगे मौजूद?
इस महाबैठक में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं की फौज जुटने वाली है। प्रमुख रूप से इनकी उपस्थिति तय मानी जा रही है:
- देवेंद्र यादव (भिलाई विधायक एवं लोकसभा प्रत्याशी)
- अटल श्रीवास्तव (कोटा विधायक)
- दिलीप लहरिया (मस्तूरी विधायक)
- आशीष सिंह, विजय केसरवानी, राम शरण यादव (पूर्व मेयर)
- सियाराम कौशिक(पूर्व विधायक ), डब्बू राजेंद्र साहू, राजेंद्र शुक्ला
साथ ही, जिला शहर और ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी, पार्षद, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, आईटी सेल समेत तमाम प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और कार्यकर्ता इस निर्णायक रणनीति का हिस्सा बनेंगे।
