छत्तीसगढ़

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के ‘साय’ में संवरेगा भविष्य: संपत्ति पंजीयन में महिलाओं की बढ़ी हिस्सेदारी, मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

रायपुर, 12 जुलाई 2026 | छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ‘संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट’ का निर्णय गेम-चेंजर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री के विजन का ही परिणाम है कि प्रदेश में अब महिला सशक्तिकरण के आंकड़े एक नई गौरव गाथा लिख रहे हैं।

​महिलाओं को मिली आर्थिक ताकत: मुख्यमंत्री

​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “हमारी सरकार महिलाओं को विकास यात्रा की समान भागीदार बनाने के लिए संकल्पित है।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का उद्देश्य केवल आर्थिक राहत देना नहीं, बल्कि महिलाओं को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाकर उन्हें परिवार और समाज के निर्णयों में सशक्त बनाना है।

​मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सशक्त होती नारी शक्ति

​मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में लागू की गई इस नीति के प्रभाव को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • ​निर्णायक भूमिका: मुख्यमंत्री का मानना है कि संपत्ति पर स्वामित्व महिलाओं को न केवल आर्थिक सुरक्षा देता है, बल्कि परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी सुनिश्चित करता है।
  • ​समानता का संकल्प: सरकार की प्राथमिकता ऐसी नीतियां बनाने की है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाएं।
  • ​व्यापक असर: मुख्यमंत्री की इस दूरदर्शी पहल का असर राज्य के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में दिख रहा है, जहाँ पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

​50.14 करोड़ रुपये का सीधा लाभ

​मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वित्त विभाग द्वारा लागू इस योजना से राज्य की जनता को अब तक 50.14 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस ‘नागरिक-केंद्रित’ सोच ने न केवल परिवारों को आर्थिक संबल दिया है, बल्कि प्रदेश में एक बड़ा सामाजिक बदलाव भी शुरू किया है।

​विकास की दिशा में बढ़ते कदम

​मुख्यमंत्री का विजन अब धरातल पर परिणाम दे रहा है:

  • ​वर्ष 2025 में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन का प्रतिशत 32 था, जो मुख्यमंत्री के प्रयासों से बढ़कर 2026 में 41 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
  • ​दस्तावेजों की संख्या में 45 प्रतिशत का इजाफा यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के प्रति अधिक जागरूक हुई हैं।

​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

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