मां महामाया की भक्ति में सराबोर हुआ बेलतरा, ध्वजा यात्रा के दूसरे दिन गाँव-गाँव में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही भव्य यात्रा के दूसरे दिन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
48 ग्राम पंचायतों से होकर रतनपुर माँ महामाया मंदिर पहुँचेगी यात्रा, भाड़ी में जगराते से भक्तिमय हुई निशा
बिलासपुर बुलेटिन / बिलासपुर:

माँ महामाया के प्रति अटूट आस्था, सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण और जन-जन की सहभागिता का अद्भुत संगम बेलतरा विधानसभा में देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही भव्य ध्वजा यात्रा के दूसरे दिन गाँव-गाँव में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गाँवों की गलियों से लेकर श्रद्धालुओं के हृदय तक, हर ओर माता रानी के जयकारों और जसगीतों की गूँज सुनाई दी।
टेकर से शुरू होकर भाड़ी में विश्राम
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर माँ महामाया एवं श्री गिरजाबंध हनुमान जी के जयकारों के साथ यात्रा दूसरे दिन टेकर से आगे बढ़ी। इसके बाद गिधौरी, नेवसा, जाली, बेलतरा, सलखा, धौरामुड़ा, बिटकुली, करमा, बसहा, नगपुरा, गोपालपुर, पाण्डेयपुर और भिल्मी होते हुए यात्रा रात्रि विश्राम के लिए भाड़ी पहुँची। पूरे मार्ग में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया।
बेलतरा में कुर्मी समाज ने किया आत्मीय स्वागत
बेलतरा पहुँचने पर कुर्मी समाज द्वारा ध्वजा यात्रा का भव्य एवं भावुक स्वागत किया गया। समाज के प्रबुद्धजनों और ग्रामीणों ने धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। इस दौरान सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और धार्मिक एकजुटता की एक सुंदर और प्रेरणादायी झलक देखने को मिली।
आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में पारंपरिक जसगीतों पर झूमे श्रद्धालु
सलखा, धौरामुड़ा, बिटकुली, करमा और बसहा जैसे आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में यात्रा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह नजर आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पूरे जोश के साथ यात्रा में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक जसगीतों और मांदर की धुन पर श्रद्धालु दिनभर झूमते, नाचते और गाते रहे।
भाड़ी में माता के जगराते से गूँजी भक्ति की स्वर-लहरियाँ
दूसरे दिन की यात्रा का समापन भाड़ी ग्राम में रात्रि विश्राम के साथ हुआ। इस अवसर पर गायक हिलेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा माता के जगराते की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। देर रात तक चले इस जगराते में माता के भजनों और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर रहा।
तीसरे दिन इन मार्गों से होकर नागोई पहुँचेगी यात्रा
ध्वजा यात्रा के तीसरे दिन भाड़ी से प्रस्थान कर यात्रा खैरा (ड), डंगनिया, सेलर, मोहरा, उरतुम, परसाही और उरैहापारा होते हुए माँ वैष्णोदेवी मंदिर, नागोई पहुँचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम प्रस्तावित है। विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि लगभग 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा अंत में ऐतिहासिक माँ महामाया मंदिर, रतनपुर में ध्वज अर्पित कर संपन्न होगी। यह आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण और समाज के प्रत्येक वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का पावन प्रयास है।