बेलतरा में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल : हजारों कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट का जंगी घेराव, चला वाटर कैनन

बिलासपुर।
बेलतरा विधानसभा प्रत्याशी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक पक्षपात और बेलतरा विधायक के तानाशाही रवैये के विरोध में बिलासपुर कलेक्ट्रेट का विशाल एवं जंगी घेराव किया। प्रदर्शन में बेलतरा, बिलासपुर, बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी और कोटा विधानसभा क्षेत्रों से करीब 3,000 की संख्या में कांग्रेसजन एवं आम जनता शामिल हुई।

आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन (पानी की बोछार) का प्रयोग किया गया, जिसमें विजय केशरवानी को चोटें आईं। चोटिल होने के बावजूद विजय केशरवानी व्हीलचेयर पर बैठकर अंत तक विरोध प्रदर्शन में डटे रहे।
कांग्रेस भवन से उठी विरोध की आवाज, गूंजे तीखे नारे
दोपहर लगभग 1.00 बजे कांग्रेसजन रिवर व्यू और कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नेहरू चौक की ओर पैदल मार्च किया गया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बेलतरा विधायक और राज्य सरकार के खिलाफ तीखे नारों वाली तख्तियां थीं, जिन पर “वोट चोर कहाँ मिलेंगे? बीजेपी के दफ्तर में” और “बेलतरा विधायक जी, स्क्वायर फीट रेट क्या है? बताना पड़ेगा, बताना पड़ेगा!” जैसे सवाल लिखे हुए थे।
नेहरू चौक में सभा: विजय केशरवानी ने विधायक और प्रशासन पर दागे गंभीर सवाल
कलेक्ट्रेट घेराव से पूर्व नेहरू चौक पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विजय केशरवानी ने राज्य सरकार, स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
1. नियमों को ताक पर रखकर सीमांकन का आरोप
विजय केशरवानी ने कहा कि “15 जून से अक्टूबर तक बरसात के मौसम में राजस्व नियमों के तहत सीमांकन नहीं किया जाता। लेकिन बेलतरा विधायक के राजनीतिक दबाव में विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। सेलर के सरपंच और ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय सिंह की जमीन का नियम विरुद्ध सीमांकन कराया गया। विरोध करने पर तहसीलदार ने स्वयं स्वीकार किया कि उन पर विधायक जी का भारी दबाव है।” उन्होंने तहसीलदार एवं जांच टीम पर कार्रवाई की मांग की।
2. बदहाल सड़कें, अवैध उत्खनन और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निजीकरण
सड़कों की दुर्दशा: एक वर्ष पूर्व बनी सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और अब गिट्टी तथा धूल का गुबार बनकर रह गई हैं, जिससे आम जनता का चलना दूभर हो गया है।
रॉयल्टी चोरी: 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में मुरुम का अवैध उत्खनन कर रॉयल्टी की भारी चोरी की गई, जिस पर प्रशासन मौन साधे बैठा है।
अस्पताल का निजीकरण: आम जनता के टैक्स के पैसे से बने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल में सौंप दिया गया है, जिससे गरीब जनता इलाज कराने से वंचित हो रही है।
3. स्थानीय प्रतिनिधियों का उत्पीड़न व बिजली बिल की मार
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत और नगर निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को काम नहीं करने दिया जा रहा और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। गरीब परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान की आस लगाए बैठे हैं, जबकि भारी बिजली बिलों के कारण ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति जर्जर हो चुकी है।
4. कांग्रेस भवन में घुसपैठ और पुलिस की संदिग्ध भूमिका
विगत दिनों कांग्रेस भवन में भाजपा महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं के जबरन प्रवेश का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि “पुलिस मूकदर्शक बनी रही और ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पुलिस स्वयं आंदोलनकारियों को सम्मानपूर्वक प्रवेश करा रही थी। बिना अनुमति निजी परिसर में घुसना गंभीर अपराध है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
कलेक्ट्रेट घेराव: टिन शेड, बैरिकेड्स और वाटर कैनन का सामना
सभा के बाद जैसे ही हजारों का जनसैलाब कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा, प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट के चारों ओर टिन की चादरें और मजबूत बैरिकेड्स लगाकर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी पुलिस बल के साथ-साथ महिला पुलिस कर्मी तैनात थीं।
जब उत्तेजित भीड़ बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगी, तो पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें शुरू कर दीं। पानी की तेज बौछारों से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया, लेकिन कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं टूटा।
नेताओं को लगी चोटें: वाटर कैनन के प्रहार से विजय केशरवानी घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें व्हीलचेयर मंगानी पड़ी। इसके बावजूद वे व्हीलचेयर पर ही बैठकर अंत तक डटे रहे। वहीं, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी साहू के कपड़े पूरी तरह फट गए।
ज्ञापन नहीं ले पाए अधिकारी: प्रदर्शन इतना उग्र और अडिग था कि ज्ञापन लेने आए प्रशासनिक अधिकारी भी पानी की बौछारों और हंगामे की चपेट में आ जाने के कारण ज्ञापन नहीं ले सके।

वरिष्ठ नेताओं का मिला समर्थन
प्रदर्शन के दौरान विजय पांडेय, राजेंद्र साहू और धनंजय सिंह ने भी जनसभा को संबोधित किया और क्षेत्र में बढ़ रहे अपराध, भू-माफियाओं के आतंक तथा भय के वातावरण पर चिंता व्यक्त की।
इस विशाल जंगी प्रदर्शन में प्रमुख विजय केशरवानी, विजय पांडेय, सियाराम कौशिक, राजेंद्र शुक्ला, रामशरण यादव, प्रमोद नायक, राजेंद्र धीवर, राकेश शर्मा, ऋषि पांडेय, समीर अहमद, त्रिलोक श्रीवास, अंकित गौरहा, जितेंद्र पांडेय, जावेद मेमन, जीतू यादव, विनोद साहू, धनंजय सिंह, लक्ष्मी साहू, गीतांजलि कौशिक, अभ्युदय तिवारी, राजेश शुक्ला, सीमा शुक्ला, संतोष गर्ग, तजम्मुल हक, साकेश मिश्रा, हितेंद्र देवांगन, शिल्पी तिवारी, प्रीति पाटनवार, पिंकी बतरा, झग्गर राम सूर्यवंशी, अशोक सूर्यवंशी, अजय यादव, अभिषेक मेढेकर, राम कुमार भोई, शीतल दास, साखन दरवे, सुनील सोनकर, मोहन श्रीवास, अंदुल इब्राहिम, रवि साहू, पुष्पेंद्र साहू सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 3 हजार से अधिक का यह जनसैलाब स्पष्ट संदेश देता है कि बेलतरा विधानसभा की जनता विधायक के कारनामों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अन्याय से पूरी तरह आक्रोशित है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि गरीब जनता पर अत्याचार और सत्ता का दुरुपयोग बंद नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा
