बिलासपुर ( मनोज वर्मा ) | भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आगामी 48 से 72 घंटों में बिलासपुर जिले में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जिले में सुरक्षा के व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रमुख निर्देश और व्यवस्थाएं:
- स्कूल-आंगनबाड़ी में अवकाश: जिले के सभी शासकीय, अशासकीय विद्यालयों (कक्षा 1 से 12वीं) और आंगनबाड़ी केंद्रों में 18 जुलाई को शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी। हालांकि, शिक्षक और अन्य स्टाफ को मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- अधिकारियों की छुट्टियाँ निरस्त: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। सभी को अनिवार्य रूप से मुख्यालय में बने रहने का निर्देश है।
- नदी-नालों पर कड़ी निगरानी: जल संसाधन विभाग को बांधों के जलस्तर की प्रति घंटे मॉनिटरिंग करने और पानी छोड़ने से कम से कम तीन घंटे पूर्व डाउनस्ट्रीम के गांवों को सूचित करने को कहा गया है। सक्षम अनुमति के बिना बांधों से पानी छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
- जीरो क्रॉसिंग नीति: पुलिस और यातायात विभाग को जलमग्न सड़कों, रपटों और पुलों पर बैरिकेडिंग कर ‘जीरो क्रॉसिंग नीति’ का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्वास्थ्य एवं विद्युत सेवा: स्वास्थ्य विभाग को एंटीवेनम और आवश्यक दवाओं के साथ रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रखने और विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में नगर निगम और पंचायतों को डी-वॉटरिंग पंप तैयार रखने को कहा गया है।
आम जनता के लिए सलाह:
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे आश्रय न लें और नदी-नालों के जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेशों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।


