बिलासपुर में खाकी का खौफ: बस एजेंट से रंगदारी मांगने वाले 3 बदमाश गिरफ्तार, जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी फरार

विशेष संवाददाता | बिलासपुर
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में सामने आई है। पेट्रोल पंप के पास बस का हिसाब-किताब बना रहे एक बुकिंग एजेंट से हफ्ता वसूली (रंगदारी) और अवैध उगाही का विरोध करने पर बदमाशों ने उस पर और बीच-बचाव करने आए उसके साथियों पर सरेआम जानलेवा हमला कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकंडा पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को धरदबोचा है, जिन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, वारदात में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
थाना सरकंडा पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 1450/2026 दर्ज किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5), 308(2) BNS के तहत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है।
क्या है पूरी घटना?
पुलिस से प्राप्त विस्तृत विवरण के मुताबिक, प्रार्थी शरद कश्यप (27 वर्ष), जो टिकरापारा बिलासपुर का निवासी है, अंबिका बस (क्रमांक CG15-IJ-8093) में बुकिंग एजेंट के रूप में काम करता है।
बीती 06 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:30 बजे वह बिलासपुर से अंबिकापुर जाने वाली बस का पेट्रोल पंप के पास खड़े होकर हिसाब बना रहा था। इसी दौरान, रात करीब 11:20 बजे दो बाइकों पर सवार होकर चार शातिर बदमाश—तारण निर्मलकर, घनश्याम तोण्डे, बाला उर्फ मोन्टू यादव और हसन खान वहां पहुंचे।
आरोपियों ने आते ही प्रार्थी से पिछले हफ्ते की रंगदारी (हफ्ता वसूली) के पैसों की मांग की। जब प्रार्थी ने पैसे देने से दो टूक इनकार किया, तो आग बबूला हुए बदमाशों ने उसे मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया।
रुपये और मोबाइल गिरे, साथियों पर भी हुआ हमला
हाथापाई और मारपीट के दौरान प्रार्थी के पास बस कलेक्शन के रखे करीब 11,000 रुपये और उसका मोबाइल नीचे गिर गए। अफरा-तफरी और भीड़भाड़ के बीच मोबाइल और कुछ रकम तो वापस मिल गई, लेकिन लगभग 3,300 रुपये गायब हो गए जो भीड़ में नहीं मिले।
शोरगुल सुनकर जब बीच-बचाव करने प्रार्थी के साथी सैफी गौरी और परवेज आए, तो बदमाशों ने उन पर भी बेरहमी से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। जाते-जाते आरोपी सभी को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
सलांखो के पीछे पहुंचे ये तीन शातिर आरोपी
तारण निर्मलकर (पिता विशराम नगर निर्मलकर, उम्र 37 वर्ष), निवासी: राधा स्वामी सत्संग भवन के पास, भैरो नगर, तिफरा, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर (छ.ग.)।
घनश्याम तोण्डे उर्फ छोटू (पिता स्व. राम चरण तोण्डे, उम्र 28 वर्ष), निवासी: शांतिनगर, इन्द्रपुरी, तिफरा, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर (छ.ग.)।
बाला उर्फ मोन्टू यादव (पिता राकेश यादव, उम्र 27 वर्ष), निवासी: विष्णु चौक, तिफरा, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर (छ.ग.)।
विशेष नोट: मामले का चौथा आरोपी हसन खान घटना के बाद से फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कड़ा रुख और मार्गदर्शन
इस सनसनीखेज वारदात को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और मार्गदर्शन में अपराधियों पर शिकंजा कसा गया।
पुलिस प्रशासन की आम जनता से दो टूक अपील
सरकंडा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि क्षेत्र में गुंडागर्दी, अवैध उगाही या रंगदारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने आम जनता, ट्रांसपोर्टर्स और व्यापारी वर्ग से अपील की है कि यदि कोई भी तत्व या गिरोह डरा-धमकाकर अवैध वसूली की मांग करता है, तो बिना डरे तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
