सांस्कृतिक धरोहरों के सरंक्षक और समाजसेवी प्रवीण झा पर समाज ने फिर जताया अटूट भरोसा; 21 जून को लेंगे नई जिम्मेदारी की शपथ
बिलासपुर। सनातन संस्कृति की अलख जगाने और सामाजिक समरसता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले ‘पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच’ में नेतृत्व का एक नया युग फिर शुरू हो गया है। बिलासपुर के छठ घाट परिसर में हुई त्रिवार्षिक आमसभा में वरिष्ठ उद्योगपति प्रवीण झा को एक बार फिर सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। संगठन की गतिविधियों को गति देने वाले सुधीर झा ने भी सचिव पद पर अपनी पुनः उपस्थिति दर्ज कराई है।
क्यों प्रवीण झा हैं समाज की पहली पसंद?
प्रवीण झा का नाम आज बिलासपुर में निस्वार्थ सेवा और सांस्कृतिक गौरव का पर्याय बन चुका है। उनकी कार्यशैली के कुछ प्रमुख आयाम जिन्होंने उन्हें ‘लोकप्रिय नेतृत्वकर्ता’ बनाया है:
- राममय समाज: पिछले 3 सालों से रामनवमी पर 1008 श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराकर उन्होंने धार्मिक एकता का मिसाल कायम की है।
- सांस्कृतिक योद्धा: छठ महापर्व को राष्ट्रीय गौरव के साथ भव्य रूप देने में उनकी मेहनत जगजाहिर है।
- युवा शक्ति के प्रेरणास्रोत: नई पीढ़ी को संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की उनकी रणनीति ने समाज में नई ऊर्जा का संचार किया है।
अध्यक्ष की हुंकार: “परंपरा को आगे बढ़ाना ही संकल्प”
अध्यक्ष पद की कमान संभालते हुए प्रवीण झा ने कहा, “यह पद नहीं, मेरे लिए समाज का विश्वास है। मेरी प्राथमिकता समाज के हर वर्ग को साथ लेकर एक सशक्त और शिक्षित समाज का निर्माण करना है। आने वाले दिनों में हम छठ पूजा के आयोजन को और अधिक दिव्य और भव्य बनाने जा रहे हैं।”
21 जून: नए संकल्पों का दिन
अब सबकी निगाहें 21 जून पर टिकी हैं, जब नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस दिन न केवल टीम की घोषणा होगी, बल्कि अगले तीन वर्षों के लिए एक ‘विजन डॉक्यूमेंट’ भी प्रस्तुत किया जा सकता है।

