नई दिल्ली / बिलासपुर:
देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस द्वारा आयोजित महा-प्रदर्शन और मार्च में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का जलवा और अनोखा अंदाज़ छाया रहा। चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में गड़बड़ियों तथा निष्पक्षता के मुद्दों को लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध-स्थल पर एकत्रित हजारों कांग्रेसियों के बीच बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय का एक अनूठा नारा अचानक पूरे आंदोलन का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया।
बच्चों की प्रसिद्ध कविता ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ की तर्ज़ पर जब पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने मंच व भीड़ के बीच माइक संभालकर बेहद चुटीले और तंजिया लहजे में नारा बुलंद किया:
“ज्ञानू-ज्ञानू यस पापा…”
“वोट चोरी… नो पापा!”
“टेलिंग लाइंग… नो पापा!”
“ओपन योर माउथ… हा हा हा हा
तो पूरा आंदोलन स्थल तालियों, ठहाकों और गगनभेदी नारों से गूंज उठा। सरल, लयबद्ध और सीधे दिल को छूने वाले इस राजनीतिक कटाक्ष ने दिल्ली के आंदोलन में पहुंचे देश भर के कार्यकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देखते ही देखते यह अनोखा नारा दिल्ली मार्च में शामिल हजारों लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गया।
बिलासपुर से उमड़ा जनसैलाब, दिल्ली पहुंची बिलासपुर कांग्रेस की बड़ी फौज
लोकतंत्र की रक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर आयोजित इस विशाल दिल्ली मार्च में बिलासपुर ज़िले से ऐतिहासिक भागीदारी देखने को मिली। बिलासपुर से दिल्ली पहुंचे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर बिलासपुर के वरिष्ठ नेताओं का पूरा जत्था आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में नज़र आया। कार्यक्रम में विशेष रूप से अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा) , दिलीप लहरिया (विधायक, मस्तूरी) , शैलेश पाण्डेय (पूर्व विधायक शहर ) ,सिधांशु मिश्रा (शहर कांग्रेस अध्यक्ष, बिलासपुर) ,महेंद्र गंगोत्री (ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष) सहित हजारों नेताओं एवं कार्यकर्ता शामिल हुए इनके नेतृत्व में बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर थामकर पुरजोर आवाज़ उठाई।
तंज में छिपा बड़ा राजनीतिक संदेश
पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने इस अनोखे नारे के माध्यम से सत्ता पक्ष और निर्वाचन व्यवस्था पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र और जनता के जनादेश के साथ जिस तरह का खिलवाड़ हो रहा है, उसे देश का बच्चा-बच्चा समझ चुका है। यही वजह है कि इसे बच्चों की कविता के माध्यम से एक तीखे राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया गया है ताकि बात जन-जन तक पहुंचे।
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने भी इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि बिलासपुर की जनता और कार्यकर्ता कभी भी अन्याय के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं। दिल्ली की सड़कों पर बिलासपुर से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं का यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई में छत्तीसगढ़ हमेशा सबसे आगे रहेगा।
शहर अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा और ज़िला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने संयुक्त रूप से कहा कि बिलासपुर से आए कार्यकर्ताओं के इस विशाल जत्थे ने साबित कर दिया है कि संगठन पूरी तरह एकजुट और आक्रामक मोड में है।
सोशल मीडिया पर भी छाया शैलेश पांडेय का यह अंदाज़
दिल्ली मार्च के दौरान रिकॉर्ड किया गया शैलेश पांडेय के इस रचनात्मक और तंजिया नारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से वायरल हो रहा है। छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक के कांग्रेसी कार्यकर्ता और आम लोग इस नारे की सादगी और इसके पीछे छिपे तीखे संदेश की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
दिल्ली की इस विशाल रैली में बिलासपुर कांग्रेस का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन न केवल चर्चा का केंद्र बना, बल्कि इसने पूरे राष्ट्रीय आंदोलन में एक नया उत्साह फूंक दिया।
