रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई और सशक्त पहचान बनाई है। ‘क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026’ में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में नियमों में आसानी (Regulatory Ease) और संस्थागत माहौल (Institutional Environment) के मापदंडों पर देशभर में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।
सीएम साय के ‘निवेशक-हितैषी’ विजन की जीत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार संभालते ही शासन को पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया था। इसका परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ ने न केवल औद्योगिक विकास की गति बढ़ाई है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी जीता है। पिछले 18 महीनों में राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य की बदलती तस्वीर को दर्शाते हैं।
क्यों निवेशकों की पहली पसंद बना छत्तीसगढ़?
- नियमों में आसानी (Regulatory Ease): छत्तीसगढ़ ने 12 में से 8.4 अंक प्राप्त किए हैं, जो गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों से भी बेहतर हैं। उद्योगों को एनओसी, बिजली-पानी कनेक्शन और अन्य अनुमतियां मिलने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल हो गई है।
- मजबूत संस्थागत माहौल: नीतिगत स्थिरता, साइबर अपराध पर नियंत्रण और शिकायतों के त्वरित समाधान के मामले में राज्य को देश में सर्वश्रेष्ठ (4.5 अंक) आंका गया है।
- पर्यावरण सुरक्षा: पर्यावरणीय लचीलेपन के मामले में राज्य देश में दूसरे स्थान पर है, जो औद्योगिक सुरक्षा और दीर्घकालीन निवेश के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री श्री साय का विजन केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल अर्थव्यवस्था का नया केंद्र बन रहा है:
- एआई डेटा सेंटर पार्क: नवा रायपुर में 1,000 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क, जिसमें एक लाख GPU की क्षमता होगी।
- सुधारों की झड़ी: ‘छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम’ के तहत 279 छोटे कारोबारी अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ लागू कर जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था बनाना सीएम साय की सरकार के साहसिक कदम माने जा रहे हैं।
क्या बोले मुख्यमंत्री?
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “क्रिसिल-नीति आयोग इंडेक्स में हमारी रैंकिंग छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन पर देश की मुहर है। हमारा लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि रोजगार और समावेशी आर्थिक प्रगति का ऐसा आधार तैयार करना है, जिससे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प पूरा हो सके।”
आंकड़े बताते हैं कि राज्य के सकल मूल्य वर्धित (GVA) में उद्योग क्षेत्र की 52.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो छत्तीसगढ़ को देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाती है। राज्य में महिलाओं की 58.1 प्रतिशत कार्यबल भागीदारी भी इसे अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सशक्त और समावेशी बनाती है।


