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छत्तीसगढ़ के ‘ग्रोथ इंजन’ की रफ्तार तेज: उप मुख्यमंत्री अरुण साव का अल्टीमेटम, “समय सीमा में काम नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई”

रायपुर, 9 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अब ‘मिशन मोड’ पर काम करने का फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित ‘निर्माण भवन’ में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में सख्त तेवर दिखाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य की विकास यात्रा में विभाग ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका निभा रहा है, इसलिए कार्यप्रणाली में आलस्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​“काम बोलता है”, अब धरातल पर दिखना चाहिए परिणाम

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की कार्य संस्कृति को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण करें। उन्होंने कहा, “अभियंताओं की दक्षता और क्षमता का प्रमाण फील्ड पर दिखना चाहिए।”

​सुस्त ठेकेदारों पर गिरेगी गाज

श्री साव ने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी ठेकेदार या निर्माण एजेंसियां अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स (Milestones) को पूरा नहीं कर रही हैं, उन्हें तुरंत ‘ब्लैक-लिस्ट’ किया जाए और उनके अनुबंध निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके विपरीत, बेहतर कार्य करने वाली एजेंसियों के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि उनके बिलों का भुगतान हर महीने सुनिश्चित किया जाए ताकि कार्य में कोई व्यवधान न आए।

​सितम्बर-अक्टूबर तक नया ‘रोडमैप’ तैयार

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मानसून के बाद प्रदेश में निर्माण कार्यों को पूरी गति दी जाएगी। इसके लिए सितम्बर-अक्टूबर तक सभी प्रस्तावित नए कार्यों के कार्यादेश (Work Orders) जारी कर दिए जाएंगे। विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को 31 अगस्त तक सभी प्राथमिक कार्यों, विशेषकर पहुंचविहीन गांवों की सड़कों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए हैं।

​प्रमुख निर्णय और निर्देश:

  • ​भू-अर्जन में तेजी: राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा ताकि फील्ड स्तर पर अभियंताओं को भूमि अधिग्रहण से जुड़े कानूनी नियमों की स्पष्ट जानकारी हो।
  • ​हैंडओवर प्रक्रिया: निर्माणाधीन ऑडिटोरियमों का काम पूरा होते ही उन्हें बिना देरी के संबंधित नगरीय निकायों या विभागों को सौंपा जाएगा।
  • ​कनेक्टिविटी पर जोर: दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों को साल भर पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

​बैठक में प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित विभाग के आला अधिकारी और सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री के इन कड़े निर्देशों के बाद अब विभाग में काम की गति और गुणवत्ता में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

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