छत्तीसगढ़ में कौशल विकास और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार: 30 शासकीय आईटीआई बनेंगे आधुनिक हब, 1,446 करोड़ का निवेश प्रस्तावित

रायपुर ( मनोज वर्मा )
राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में पीएम-सेतु योजना (PM-SETU) के तहत दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुए।

इस योजना के तहत प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
30 आईटीआई का आधुनिकीकरण: प्रदेशभर में 6 हब और 24 स्पोक आईटीआई को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
बड़ा निवेश: आगामी 5 वर्षों में लगभग 1,446 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है (प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपए)।
वित्तीय सहभागिता: इस योजना में केंद्र सरकार (50%), राज्य सरकार (33%), और उद्योग भागीदारों (17%) की वित्तीय हिस्सेदारी होगी।
प्रमुख क्लस्टर: दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर।
उद्योगों के साथ ऐतिहासिक समझौते (MoUs)
दुर्ग क्लस्टर: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनाया गया है। इसमें शासकीय आईटीआई दुर्ग (हब) के साथ भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा (स्पोक आईटीआई) शामिल हैं।
बस्तर क्लस्टर: जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए एनएमडीसी लिमिटेड (NMDC) को एंकर पार्टनर बनाया गया है। इसमें शासकीय आईटीआई बस्तर (हब) तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर (स्पोक आईटीआई) शामिल हैं।
सरगुजा और कोरबा क्लस्टर: सरगुजा के लिए एसईसीएल (SECL) और कोरबा के लिए एनटीपीसी कोरबा द्वारा सहभागिता की सहमति दी गई है। रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए भी प्रक्रिया तेजी से जारी है।
मुख्यमंत्री का विजन: “युवक बने रोजगार सृजक”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई ‘पीएम-सेतु योजना’ छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगी। हमारा उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपने कौशल और नवाचार के बल पर रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों की प्रत्यक्ष सहभागिता से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और स्थानीय युवाओं को बेहतरीन अवसर मिल पाएंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा एनएमडीसी और सेल के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
