चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का खतरा: छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी, राजस्व मंत्री ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश
रायपुर
बंगाल की खाड़ी में आकार ले रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रायपुर के अनुसार 27 और 28 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
12 जिलों में भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, राज्य के 12 जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है:
बस्तर संभाग व आसपास: सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर
मध्य व मैदानी क्षेत्र: महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर
राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: जनसुरक्षा
हालात की समीक्षा करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को पूरी तत्परता और सतर्कता से काम करने के निर्देश दिए हैं।
“प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। तूफान और भारी बारिश से जनहानि रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे।”
— टंक राम वर्मा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री
प्रशासन द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:
- 1769 संवेदनशील गांव चिन्हित: आपदा प्रबंधन के तहत 12 अति संवेदनशील जिलों के 763 गांवों और अन्य 21 जिलों के 1006 गांवों (कुल 1769 गांव) को चिन्हित कर विशेष निगरानी में रखा गया है।
- जर्जर मकानों पर कार्रवाई: तेज हवाओं से गिरने की आशंका वाले जर्जर व असुरक्षित मकानों को चिन्हित कर खाली कराने या सुरक्षित करने के निर्देश जारी।
- जलाशयों पर सतर्कता: बांधों व जलाशयों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। पानी छोड़ने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में 48 घंटे पहले सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
- मौसम ऐप्स का उपयोग: नागरिकों को सचेत करने के लिए ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप के जरिए रियल-टाइम अलर्ट भेजे जा रहे हैं।
आपात सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी
किसी भी प्रकार की आपदा या आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है।
- हेल्पलाइन / टोल-फ्री नंबर: 1070
अपील: राजस्व मंत्री ने सभी नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, भारी बारिश के दौरान अनावश्यक जोखिम न उठाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
