बिलासपुर, 23 जुलाई 2026 — साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोयला डिस्पैच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, दक्ष और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। निवारक सतर्कता (प्रिवेंटिव विजिलेंस) के तहत कंपनी के सतर्कता विभाग ने एसईसीएल की प्रमुख खदानों—गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और रायगढ़ में समर्पित ‘ट्रक डिस्पैच मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम’ स्थापित किए हैं।
इन कंट्रोल रूम्स को पूरी तरह से एसईसीएल द्वारा इन-हाउस विकसित किया गया है, जो कंपनी की तकनीकी क्षमता और नवाचार को प्रदर्शित करता है। इन आधुनिक कंट्रोल रूम्स में रियल-टाइम डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रकों की आवाजाही, डिस्पैच की स्थिति और परिचालन में आने वाली बाधाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस पहल के प्रमुख लाभ और विशेषताएं:
- पारदर्शिता और प्रणालीगत सुधार: इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल अनियमितताओं पर नजर रखना नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार लाकर ऐसी बाधाओं को रोकना है जो डिस्पैच में देरी या पारदर्शिता की कमी का कारण बनती हैं।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए संभावित बाधाओं की शीघ्र पहचान कर समय पर हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
- समय और दक्षता में सुधार: इससे ट्रक टर्नअराउंड टाइम (TAT) में कमी आएगी, वाहनों के निर्गमन का विलंब न्यूनतम होगा और कोयला निकासी की समग्र दक्षता में वृद्धि होगी।
- त्वरित निर्णय: रियल-टाइम डेटा की उपलब्धता से प्रबंधन को त्वरित एवं तथ्यपरक निर्णय लेने में आसानी होगी।
यह पहल केंद्रीय सतर्कता आयोग की निवारक सतर्कता की भावना के अनुरूप प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एसईसीएल का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। डिजिटल तकनीक और सक्रिय परिचालन प्रबंधन के समन्वय से एसईसीएल का सतर्कता विभाग तकनीक-सक्षम खनन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित कर रहा है।


