एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में संपन्न हुई 50वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक

बिलासपुर:
एसईसीएल मुख्यालय में आज 50वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता खान सुरक्षा (उत्तर अंचल, गाजियाबाद) के उप महानिदेशक नीरज कुमार ने की, जबकि एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) हरीश दुहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें शामिल हुए।

सुरक्षा सर्वोपरि: सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित खनन के लिए सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और हर स्तर पर सजगता जरूरी है।
शून्य दुर्घटना का लक्ष्य: बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु सुरक्षित खनन संचालन, जोखिमों की पहचान और ‘शून्य दुर्घटना’ की दिशा में सामूहिक प्रयासों को और अधिक मजबूत करना रहा।
ठेका कर्मियों की सुरक्षा पर जोर: बैठक में ठेका कर्मियों की सुरक्षा, उनके उचित प्रशिक्षण और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के कड़ाई से पालन पर विशेष बल दिया गया।
आधुनिक तकनीक और डिजिटाइजेशन: पावरपॉइंट प्रस्तुति के जरिए खदानों में सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर बनाने, जोखिम नियंत्रण और डिजिटाइजेशन के उपयोग की जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारी , विभिन्न यूनियन पदाधिकारी
एसईसीएल प्रबंधन: निर्देशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त डी. सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र, और निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) नृपेन्द्र नाथ।
खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS): पश्चिमी और उत्तरी अंचल के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें उप महानिदेशक बी. बी. सटियार तथा विभिन्न क्षेत्रों के निदेशक शामिल रहे।
यूनियन प्रतिनिधि: कंपनी सुरक्षा समिति की ओर से आनंद मिश्रा (एचएमएस), संजय सिंह (बीएमएस), श्री बी. धर्मा राव (एटक), कमलेश शर्मा (एसईकेएमएस), इंद्रदेव चौहान (सीटू) और अनुप वि. राहाटे (सीएमओआईए) ने हिस्सा लिया और बहुमूल्य सुझाव दिए।
बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नियमों का कड़ाई से पालन करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
