बिलासपुर। शहर में कछुआ चाल से चल रहे सड़क और भवन निर्माण कार्यों को लेकर आखिरकार लोक निर्माण विभाग (PWD) के शीर्ष नेतृत्व ने हंटर चला दिया है। गुरुवार को पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश कुमार बंसल सीधे बिलासपुर की सड़कों पर उतरे और मैदानी हकीकत देखकर अफसरों व ठेकेदारों की क्लास लगा दी। सचिव ने दो टूक अल्टीमेटम दिया है कि काम में लेटलतीफी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नेहरू चौक से दर्रीघाट फोरलेन पर बरसे सचिव, काम की रफ्तार पर जताया भारी असंतोष
सचिव मुकेश कुमार बंसल ने शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण का ग्राउंड जीरो पर जाकर औचक निरीक्षण किया। निर्माण की धीमी रफ्तार और जनता को हो रही परेशानी को देखकर सचिव ने मौके पर ही ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े लहजे में निर्देश दिया कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है, इस प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करें।
अफसरों को ‘दो टूक’: टेंडर पास तो 1 महीने के भीतर ग्राउंड पर दिखना चाहिए काम!
निरीक्षण के बाद PWD सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंताओं की एक हाई-लेवल बैठक ली। इस बैठक में सचिव का रुख बेहद आक्रामक रहा। उन्होंने अफसरों के पेंच कसते हुए नया फरमान जारी किया:
- एक महीने का अल्टीमेटम: किसी भी प्रोजेक्ट की निविदा (Tender) स्वीकृत होने के ठीक एक महीने के भीतर ग्राउंड पर काम शुरू हो जाना चाहिए।
- डेली मॉनिटरिंग: हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए टाइमलाइन तय हो। अधिकारी दफ्तर से बाहर निकलें और ठेकेदारों के साथ तालमेल बनाकर रोजाना काम की मॉनिटरिंग करें।
- क्वालिटी से समझौता नहीं: गुणवत्ता और समय सीमा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
इन बड़े प्रोजेक्ट्स का मांगा पाई-पाई का हिसाब, लटके कामों पर खिंचाई
बैठक में सचिव ने बिलासपुर के उन बड़े प्रोजेक्ट्स की कुंडली खंगाली जो लंबे समय से अधर में लटके हैं या धीमी गति से चल रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कोनी-मोपका बायपास (शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने वाला प्रोजेक्ट)
- जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज और जयरामनगर-सीपत रोड बायपास
- उच्च न्यायालय परिसर में बनने वाला भव्य ऑडिटोरियम
- नया जेल भवन और बोदरी में OIC के लिए प्रस्तावित विश्राम भवन सचिव ने इसके साथ ही नेशनल हाईवे (NH) के प्रोजेक्ट्स की भी अद्यतन स्थिति (Current Status) की बारीकी से समीक्षा की और काम में तेजी लाने को कहा।
“सिर्फ सड़कें बनाना काफी नहीं, साफ और सुंदर भी दिखनी चाहिए”
सचिव बंसल ने अफसरों को केवल निर्माण तक सीमित न रहने की नसीहत दी। उन्होंने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के डिवाइडर्स की दीवारों और ग्रिल्स का तत्काल रंग-रोगन (Paint) कराने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि सड़कें केवल कागजों पर या आधी-अधूरी नहीं, बल्कि धरातल पर साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित दिखनी चाहिए।
बैठक में मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस हाई-प्रोफाइल और कड़े तेवरों वाली बैठक में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता के.पी. संत समेत विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें सचिव ने साफ शब्दों में अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दे दी है।

