बिलासपुर। बिलासपुर जिले ने जनगणना के कार्य में पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में जो बढ़त बनाई है, उसके पीछे बिलासपुर तहसील की अविश्वसनीय कार्यक्षमता है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में रिकॉर्ड स्तर पर काम हो रहा है, जिसमें तहसीलदार श्री प्रकाश चंद साहू और उनकी टीम ने एक ऐसा आंकड़ा छुआ है जो चर्चा का विषय बन गया है।
आंकड़ों में बिलासपुर की बादशाहत
जनगणना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पूरे बिलासपुर जिले में पिछले 6 दिनों के भीतर कुल 204 ब्लॉक का कार्य पूर्ण किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस कुल उपलब्धि में अकेले बिलासपुर तहसील का योगदान 69 ब्लॉक का है। यानी पूरे जिले की सफलता में लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेले तहसीलदार प्रकाश चंद साहू की टीम ने तय किया है।
चुनौतीपूर्ण लक्ष्य, ‘सुपर-फास्ट’ परिणाम
तहसीलदार श्री साहू के नेतृत्व में बिलासपुर तहसील ने न केवल जिले में बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में अव्वल स्थान बनाया है। जनगणना जैसे जटिल कार्य को महज 6 दिनों के भीतर इतनी गति देना उनकी सटीक रणनीति (Proper Strategy) और माइक्रो-मैनेजमेंट का नतीजा है।
सफलता के स्तंभ: मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन
- कलेक्टर की निगरानी: जिले के मुखिया कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल स्वयं हर दिन की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं।
- तहसीलदार का जुनून: श्री साहू देर रात तक ऑफिस में डटकर डेटा की शुद्धता और प्रगणकों की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं।
- प्रशासनिक समन्वय: जिले के 26 चार्ज अधिकारी, सभी जोन कमिश्नर और सीएमओ अपनी टीमों के साथ मैदान में डटे हैं, लेकिन बिलासपुर तहसील की गति ने सबको पीछे छोड़ दिया है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
प्रशासन ने जनगणना कार्य को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है:
- 16 अप्रैल से 30 अप्रैल: नागरिकों के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का अवसर।
- 1 मई से 31 मई: प्रगणक (Enumerators) घर-घर पहुंचकर आंकड़ों का सत्यापन और संकलन करेंगे।
प्रशासनिक हलकों में वाहवाही
बिलासपुर तहसील की इस ‘सुपर-फास्ट’ उपलब्धि की सराहना पूरे संभाग में हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि नेतृत्व ऊर्जावान हो और टीम वर्क मजबूत हो, तो समय से पहले किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

