बिलासपुर

देशभक्ति की अनूठी मिसाल: शाम 4 बजते ही थम जाता है बिलासपुर का लखराम गांव, 30 लाउडस्पीकरों पर एक साथ गूंजता है ‘वंदे मातरम्’

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले स्थित बिल्हा ब्लॉक का लखराम गांव इन दिनों अपनी एक अनोखी और गौरवमयी पहल को लेकर पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शाम के ठीक 4 बजते ही 8 हजार की आबादी वाला यह पूरा गांव एक पल के लिए थम जाता है। सायरन की आवाज और घोषणा के साथ ही खेत, खलिहान, दुकान, बैंक और घर—हर जगह लोग जहां होते हैं, वहीं सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाते हैं और पूरा गांव ‘वंदे मातरम्’ के सुरों में सराबोर हो उठता है।

​150 साल पूरे होने पर ग्राम सभा का ऐतिहासिक फैसला

​राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत लखराम ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। सरपंच रुकमणि साहू और ग्रामीणों की सहमति से पूरे गांव में सर्वे कराया गया, जिसके बाद 30 आधुनिक लाउडस्पीकर इस तरह लगाए गए कि गांव के अंतिम छोर तक राष्ट्रगीत की आवाज स्पष्ट रूप से पहुंचे।

​“राष्ट्रभक्ति प्रकट करने के लिए किसी एक मैदान में जुटने की जरूरत नहीं है, ग्रामीण जहां हैं वहीं से सम्मान के साथ राष्ट्रगीत का हिस्सा बन सकते हैं।”

( रुक्मणी साहू ) सरपंच , लखराम

एक सुर, एक स्वर: हर वर्ग जुड़ता है देशभक्ति के धागे में

​गुरुवार से शुरू हुई इस पहल में हर दिन एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। जैसे ही “सावधान हो जाइए, राष्ट्रगीत बजने वाला है” का अनाउंसमेंट होता है, पूरे गांव में एक अनुशासन की लहर दौड़ जाती है:

​खेतों में किसान: पसीना बहा रहे किसान तुरंत कुदाल और हल छोड़कर सीधे तनकर खड़े हो जाते हैं।

बाजार और दुकानें: दुकानों पर खरीदारी कर रहे ग्राहक और व्यापारी सौदेबाजी छोड़ सावधान मुद्रा अपना लेते हैं।

घर और दफ्तर: बैंक कर्मी, अस्पताल का स्टाफ, महतारी सदन की महिलाएं और रसोई में काम करती गृहिणियां राष्ट्रगीत के सम्मान में स्थिर हो जाती हैं।

​बच्चे: खेल के मैदान और गलियों में खेलते बच्चे भी तुरंत सावधान खड़े होकर राष्ट्रगीत गाते हैं।

​सिर्फ देशभक्ति ही नहीं, गांव के विकास का भी नया जरिया

​यह 30 लाउडस्पीकरों का नेटवर्क केवल राष्ट्रगीत तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे स्मार्ट विलेज कम्यूनिकेशन सिस्टम के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

सरपंच रुकमणि साहू के अनुसार इस साउंड सिस्टम का उपयोग:

​स्वास्थ्य सूचनाएं: बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स व टीकाकरण की तिथियों की जानकारी देने,

कृषि सलाह: फसलों में लगने वाली बीमारियों और बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह प्रसारित करने,

​पंचायत मुनादी: गांव से जुड़ी जरूरी योजनाओं व बैठकों की सीधी सूचना हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

राष्ट्रगीत का संभवतः देश में पहला मॉडल

​देश के कई हिस्सों में राष्ट्रगान (जन गण मन) को लेकर ऐसी पहल हो चुकी है, लेकिन राष्ट्रगीत (वंदे मातरम्) को लेकर लखराम गांव का यह प्रयास देश का संभवतः पहला और अनूठा मॉडल माना जा रहा है।

​तेलंगाना: करीमनगर के जम्मीकुंटा और नलगोंडा के थिम्मार्थी में रोज सुबह लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान बजता है।

​हरियाणा: फरीदाबाद के भनकपुर गांव में भी सुबह राष्ट्रगान बजाने की परंपरा शुरू की गई थी।

​केरल: अलाप्पुझा की कंजिकुझी पंचायत में स्वतंत्रता दिवस पर 10 हजार लोगों ने एक साथ अपने घरों में राष्ट्रगान गाया था।

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