छत्तीसगढ़: शासन के कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने पर जोर; ई-ऑफिस और iGOT में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित

रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक कार्यों में कसावट और डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित एक गरिमामयी मासिक सम्मान समारोह के दौरान, मुख्य सचिव विकासशील ने ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों के त्वरित निपटान, समयबद्ध उपस्थिति और iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि मंत्रालय की कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अधिकारी-कर्मचारी अब अपनी उपस्थिति को लेकर बेहद जागरूक हैं और सुबह 10 बजे से पहले कार्यालय पहुंचने वालों की संख्या में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
डिजिटल कामकाज और समयबद्धता बनी प्राथमिकता
राज्य सरकार द्वारा फाइलों के त्वरित और प्रभावी निराकरण (ई-ऑफिस) तथा कार्यालयों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह मासिक मूल्यांकन किया जाता है। सितंबर माह के प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए।
विभागीय स्तर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि आदिम जाति विकास विभाग दूसरे और चिकित्सा शिक्षा विभाग तीसरे स्थान पर रहा।
iGOT प्रशिक्षण में दिखा गजब का उत्साह
कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण लेने में इस बार महिला अधिकारियों ने बाजी मारी।
मंजूषा मिश्रा (वाणिज्य एवं उद्योग विभाग) ने रिकॉर्ड 255 कोर्स पूरे कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वीरेन्द्र ध्रुव (वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) ने 235 कोर्स के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
संतोष क्षत्रिय (पशुपालन विभाग) 136 कोर्स पूरे कर तीसरे स्थान पर रहे।
जिलों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी मिला सम्मान
मंत्रालय के अलावा मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कबीरधाम जिला कार्यालय के अधीक्षक राजेन्द्र सिंह धुर्वे, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा, अपर कलेक्टर निशा नेताम मण्डावी और डिप्टी कलेक्टर रामरतन प्रसाद दुबे शामिल रहे। वहीं, विभागाध्यक्ष कार्यालयों की श्रेणी में उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त रीता यादव ने व्यक्तिगत रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस पहल से प्रशासनिक मशीनरी में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है, जिससे आम जनता से जुड़े कार्यों का निष्पादन और अधिक तेजी से होने की उम्मीद है।
