रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस: रायपुर में भव्य समारोह का आयोजन
रायपुर ( मनोज वर्मा )
भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और सुरक्षित रेल परिचालन की रीढ़ माने जाने वाले रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस समारोह कल यानी 12 अक्टूबर 2026 को रायपुर के रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में पूरी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर बल के अनुशासन, साहस और आधुनिक तकनीकी दक्षता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
भव्य परेड और विशेष दस्ते: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शानदार परेड होगी, जिसमें आरपीएफ के विभिन्न दस्ते अपनी अनुशासनबद्ध कार्यशैली का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान महिला दस्ता, कमांडो रैपिड एक्शन टीम (कोरास-CORAS), डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता विशेष रूप से शामिल होंगे, जो बल की बहुमुखी परिचालन क्षमताओं को दर्शाएंगे।
अधिकारियों एवं जवानों का सम्मान: उत्कृष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के लिए आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों को प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इसमें विशिष्ट सेवा के लिए 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक और वर्ष 2024 में एक यात्री का जीवन बचाने के लिए 1 ‘जीवन रक्षा पदक’ शामिल है।
आधुनिक तकनीकी प्रदर्शनी: कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष तकनीकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें रेलवे सुरक्षा को डिजिटल और मजबूत बनाने वाले आधुनिक उपकरणों की झलक मिलेगी। इसमें ड्रोन निगरानी प्रणाली, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डिजिटल उपकरण जैसे CCTNS और NAFIS प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस भव्य समारोह में आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा (आईपीएस), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, आरपीएफ के महानिरीक्षक मुनावर खुर्शीद सहित छत्तीसगढ़ प्रशासन एवं पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
आरपीएफ की गौरवशाली यात्रा
वर्ष 1957 के रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम से लेकर आज तक, आरपीएफ ने समय के साथ अपनी जिम्मेदारियों और क्षमताओं का अभूतपूर्व विस्तार किया है। वर्ष 1985 में इसे संघ के सशस्त्र बल का दर्जा मिला, 2003 में यात्रियों की सुरक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई, और 2019 में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत भी विशेष शक्तियां प्रदान की गईं।
42वां स्थापना दिवस समारोह आरपीएफ की देश सेवा, सुरक्षा और समर्पण की उस गौरवशाली परंपरा को समर्पित है, जो हर यात्री की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाती है।
