धार्मिक वेशभूषा में अशोभनीय वीडियो बनाने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार, बिलासपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई

बिलासपुर ( मनोज वर्मा )
बिलासपुर में सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने के लिए धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मर्यादाओं का मज़ाक उड़ाना एक ग्रुप को भारी पड़ गया। थाना सिविल लाईन पुलिस ने गरबा नृत्य की पारंपरिक वेशभूषा में सिगरेट पीने और पिस्टलनुमा वस्तु का प्रदर्शन कर वीडियो वायरल करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसके संबंध में एक शिकायतकर्ता ने थाना सिविल लाईन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि:
एक महिला और उसके अन्य महिला-पुरुष सहयोगियों ने गरबा की वेशभूषा में सिगरेट का सेवन किया।
उन्होंने हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लेकर गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के लिए एक वीडियो शूट किया।
इस वीडियो को Instagram और Facebook पर अपलोड किया गया, जिसमें भारतीय संस्कृति के विपरीत अशोभनीय हरकतों को महिमामंडित किया गया। इससे समाज के युवाओं पर गलत असर पड़ने और धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका जताई गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत और वीडियो के आधार पर संज्ञान लेते हुए, बिलासपुर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 1390/2026, धारा 196, 299 एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, सभी आरोपियों के विरुद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर भारी राशि से बाउंड ओवर भी कराया जा रहा है।
बिलासपुर पुलिस की सख्त चेतावनी
धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का दुरुपयोग वर्जित: प्रचार-प्रसार या मनोरंजन के नाम पर किसी भी धार्मिक आस्था या सांस्कृतिक परंपरा का ऐसा इस्तेमाल न किया जाए जिससे किसी वर्ग की भावनाएं आहत हों और कानून-व्यवस्था बिगड़े।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर: लाइक्स, व्यूज या पब्लिसिटी के लिए हथियारों का प्रदर्शन या आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रख रही है।
पुलिस की अपील: आम नागरिकों से अनुरोध है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री को बिना सत्यता की जांच किए आगे साझा (Forward) न करें। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
