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छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन को नई दिशा: सेवा सेतु, एआई और भारतनेट से सशक्त हो रहा राज्य

रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से राज्य में सुशासन को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद और चिप्स के सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।

​अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। तकनीक-आधारित विकास के मामले में छत्तीसगढ़ अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।

​मुख्य उपलब्धियों और डिजिटल पहलों के मुख्य बिंदु:

  • ​सेवा सेतु पोर्टल बना सबसे बड़ा डिजिटल मंच:
    • ​29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च किए गए इस उन्नत संस्करण में वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
    • ​पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।
    • ​ग्रामीण स्तर पर राशन कार्ड, विवाह पंजीयन और नल कनेक्शन जैसी सुविधाएं नागरिकों को घर के नजदीक ही मिल रही हैं।
  • ​वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार:
    • ​डिजिटल भारत निधि (DBN) के तहत आकांक्षी जिलों और 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं।
    • ​भारतनेट फेज-III के अंतर्गत ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायतों में हाई-स्पीड इंटरनेट और फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
  • ​युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और फेलोशिप:
    • ​आईआईआईटी (IIIT) नया रायपुर के सहयोग से ‘मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है।
  • ​राजस्व वृद्धि और सुदृढ़ डिजिटल प्लेटफॉर्म:
    • ​खनिज ऑनलाइन 2.0: जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
    • ​वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: निवेशकों के लिए 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण किया गया है।
    • ​बस्तर मुन्ने पोर्टल: नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 7 और अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देने के लिए मॉनिटरिंग की जा रही है।
  • ​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन:
    • ​छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डेटा लैब की स्थापना की जा रही है।
    • ​सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ ₹105.3 करोड़ की लागत से 4 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (AI, मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि) की स्थापना के लिए एमओयू किया गया है।
  • ​क्लाउड फर्स्ट नीति:
    • ​डिजिटल गवर्नेंस और डेटा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘क्लाउड फर्स्ट नीति’ लागू की जा रही है।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के हर नागरिक तक पारदर्शी और सरल सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। छत्तीसगढ़ शासन का यह संकल्प राज्य को देश का अग्रणी डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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