बिलासपुर |पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोल इंडिया के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत आज बिलासपुर में एक ही दिन में 15 हजार पौधों का वृहद वृक्षारोपण किया। खास बात यह है कि यह परियोजना बिलासपुर शहर में अपनी तरह की पहली मियावाकी वन परियोजना है।
कोनी में विकसित किया गया सघन शहरी वन
बिलासपुर के कोनी स्थित नवीन कमिश्नर कार्यालय के पीछे 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में यह महा-अभियान चलाया गया। मियावाकी तकनीक से विकसित होने वाला यह सघन शहरी वन भविष्य में जैव विविधता के संवर्धन, हरित आवरण बढ़ाने और स्थानीय पर्यावरण को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
एक दिन में 3 लाख से अधिक पौधे लगा रहा एसईसीएल
कोल इंडिया लिमिटेड के राष्ट्रव्यापी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल अपने सभी परिचालन क्षेत्रों में एक ही दिन में रिकॉर्ड 3,20,000 से अधिक पौधे लगा रहा है। कंपनी का यह महा-अभियान केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण के निर्माण का एक संकल्प है।
दिग्गज हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन और बिलासपुर संभाग के आयुक्त श्री सुनील कुमार जैन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा कार्यक्रम में एसईसीएल के निदेशक (एचआर) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी. सुनील कुमार, सीवीओ श्री हिमांशु जैन, निदेशक तकनीकी (यो./परि.) श्री रमेश चन्द्र महापात्र, कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक श्री के. राजशेखर, तथा महाप्रबंधक (पर्यावरण) श्री संजय सिन्हा सहित कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: सीएमडी
इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मियावाकी पद्धति से विकसित किए जा रहे ऐसे सघन वन जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”


