बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की अस्मिता, भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्पित ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ और ‘छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना’ की जिला स्तरीय बैठक मुंगेली नाका, मंगला चौक में आयोजित की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के नेतृत्वकर्ता अमित बघेल की रिहाई ने संगठन के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है।
अमित बघेल के नेतृत्व में एकजुटता
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने अमित बघेल की रिहाई पर जमकर जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों और पटाखों के बीच कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमित बघेल का नेतृत्व छत्तीसगढ़ के हक-अधिकारों की लड़ाई के लिए एक संबल है। उनकी उपस्थिति से राज्य में छत्तीसगढ़िया अस्मिता की रक्षा का आंदोलन और अधिक धारदार होगा।
संगठन को मिली नई ताकत
प्रदेश संगठन मंत्री सोनू राठौड़ की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में संगठन की मजबूती पर गहन चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अमित बघेल के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंचना है।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
- बूथ स्तर पर विस्तार: युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए संगठन को बूथ, गुड़ी और पार स्तर तक मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया गया।
- नई नियुक्तियाँ: संगठन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भुनेश्वर रजक को जिला उपाध्यक्ष और विशाल कौशिक को जिला सचिव नियुक्त किया गया।
- आगामी रणनीति: अमित बघेल के मार्गदर्शन में प्रदेश भर में जनहित के ज्वलंत मुद्दों और छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़े विषयों पर व्यापक जन-आंदोलन चलाने का संकल्प लिया गया।
छत्तीसगढ़िया अस्मिता के लिए संघर्ष जारी
बैठक के समापन पर कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना केवल एक संगठन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी समाज की अस्मिता की रक्षा का प्रहरी है। अमित बघेल के मार्गदर्शन में संगठन अब पहले से कहीं अधिक आक्रामक तरीके से राज्य के अधिकारों और स्थानीय गौरव की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक अपनी भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर जिला, ब्लॉक और विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने अमित बघेल के नेतृत्व में अटूट विश्वास प्रकट किया


