बिलासपुर

बिलासपुर में भारी बारिश का कहर: कलेक्टर ने दिए राहत कार्यों के निर्देश, जलभराव वाले इलाकों में SDRF का रेस्क्यू ​बिलासपुर, 17 जुलाई 2026

बिलासपुर, 17 जुलाई 2026

​जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नदी-नाले उफान पर हैं और शहरी क्षेत्रों की निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस आपात स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने स्वयं सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तत्परता से राहत कार्य करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

​कलेक्टर और निगमायुक्त की सीधी निगरानी

​लगातार जारी बारिश के बीच आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे छाता लेकर पैदल ही शहर के प्रभावित इलाकों में निकले। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने राजस्व और निगम अमले को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति के लिए 24 घंटे तैयार रहें।

​नुकसान की भरपाई के लिए विशेष निर्देश

​निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं:

  • ​सर्वे और त्वरित राहत: राजस्व अमले को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने को कहा गया है।
  • ​RBC 6(4) के तहत सहायता: जिन परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए तत्काल आरबीसी 6(4) के अंतर्गत प्रकरण तैयार किए जाएं, ताकि उन्हें नियमानुसार वित्तीय सहायता शीघ्र मिल सके।
  • ​समन्वय: राहत और बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​प्रभावित इलाकों में SDRF का रेस्क्यू

​भारी बारिश के चलते चांटीडीह, अशोकनगर और सरकंडा इलाकों में स्थिति बिगड़ने पर SDRF की टीम को तैनात किया गया है। टीम ने इन क्षेत्रों में फंसे लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं।

​आम नागरिकों के लिए जिला प्रशासन की अपील

​कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

  • ​उफनते नदी-नालों, रपटों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं।
  • ​जलभराव वाले क्षेत्रों और पानी के करीब जाने से बचें।
  • ​बच्चों को पानी के स्रोतों से दूर रखें।
  • ​जर्जर या क्षतिग्रस्त मकानों में बिल्कुल न रहें।
  • ​किसी भी आपात स्थिति या नुकसान की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या राजस्व विभाग को दें।

​जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटा लिए गए हैं।

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