रायपुर, 11 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में बस्तर गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक ‘गोंचा महापर्व-2026’ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया और आयोजन की भव्य सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
परंपरा का निर्वहन: मुख्यमंत्री ने चलाई ‘तुपकी’
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की प्राचीन परंपरा का सम्मान करते हुए पारंपरिक ‘तुपकी’ (बांस से बनी विशेष बंदूक) चलाकर भगवान श्री जगन्नाथ को प्रतीकात्मक सलामी दी। इस क्षण ने गोंचा महापर्व की सांस्कृतिक गरिमा और लोक आस्था को एक नई ऊर्जा प्रदान की।
विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री का जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जगदलपुर शहर में विद्युत तारों को अंडरग्राउंड (भूमिगत) करने का निर्णय एक दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल शहर की विद्युत समस्याओं का स्थाई समाधान हुआ है, बल्कि भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा के मार्ग में आने वाली तकनीकी बाधाएँ भी पूरी तरह दूर हो गई हैं।
619 वर्षों की गौरवशाली परंपरा
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि यह पर्व 619 वर्षों से अनवरत चला आ रहा है। इस वर्ष गोंचा महापर्व का आयोजन 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। महापर्व का मुख्य आकर्षण भगवान श्री 1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी, जो जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) तक पहुँचेगी, जहाँ प्रभु विराजमान होंगे।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्थानीय विधायक श्री किरण सिंह देव, महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री मुक्तेश पाण्डे सहित समाज के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


