नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने उन निजी प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्टों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण ‘एमनेस्टी स्कीम, 2026’ (माफ़ी योजना) की घोषणा की है, जो इनकम टैक्स एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त हैं लेकिन जिनके पास ईपीएफ अधिनियम, 1952 के तहत औपचारिक छूट (exemption) का नोटिफिकेशन नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा जारी यह योजना नियोक्ताओं को अपनी कानूनी स्थिति सुधारने और अनुपालन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पाने का एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।
क्या है यह योजना और किसे मिलेगा लाभ?
वित्त अधिनियम, 2026 के अंतर्गत, अब मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्टों को ‘एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविजन्स एक्ट, 1952’ के प्रावधानों के अनुरूप लाया गया है। 29 जून, 2026 को जारी अधिसूचना के बाद, यह योजना 6 महीने के लिए खुली है।
इस योजना के तहत वे संस्थान पात्र हैं जिनके पास धारा 17 के तहत औपचारिक छूट नहीं है। इन्हें दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- श्रेणी-I: जो अपने ट्रस्ट को नियमित कराकर ‘अन-एक्जम्प्टेड’ (बिना छूट वाले) संस्थान के रूप में कार्य करना चाहते हैं।
- श्रेणी-II: जो नियमितीकरण के साथ-साथ भविष्य में भी ‘एक्जम्प्टेड’ (छूट प्राप्त) संस्थान के तौर पर काम जारी रखना चाहते हैं।
नियोक्ताओं को मिली बड़ी राहत
योजना के तहत नियोक्ताओं को निम्नलिखित प्रमुख लाभ दिए जा रहे हैं:
- कानूनी कार्यवाही से मुक्ति: ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक की बकाया राशि, हर्जाने और ब्याज से जुड़ी सभी चल रही कानूनी व असेसमेंट कार्यवाहियां वापस ले ली जाएंगी। (शर्त: यदि सदस्यों के खातों में नियमानुसार ब्याज और योगदान जमा किया गया हो)।
- नियमों में ढील: सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत कर्मचारियों की संख्या और कॉर्पस आकार के नियमों में विशेष रियायत दी गई है।
- 3 साल की राहत: पिछले 3 वर्षों के अनुपालन की शर्तों को पूरा माना जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और अनिवार्य शर्तें
योजना का लाभ लेने के इच्छुक नियोक्ताओं को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
- आवेदन: संबंधित क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय (RPFC) को ईमेल के माध्यम से औपचारिक आवेदन करना होगा।
- EoI: ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ ईमेल आईडी: rc.exemption@epfindia.gov.in पर भेजा जा सकता है।
- ऑडिट: चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से वित्तीय खातों का ऑडिट कराना अनिवार्य है। इसके अलावा, EPFO अधिकारियों के निर्देशानुसार विशेष अनुपालन ऑडिट को आवेदन के 3 महीने के भीतर पूरा करना होगा।
अधिकारियों की अपील
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, श्री जयवदन इंगले ने सभी संबंधित नियोक्ताओं से इस सीमित अवधि की योजना का तत्काल लाभ उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना कानूनी स्थिति को सुदृढ़ करने का सुनहरा मौका है।
अधिक जानकारी के लिए: विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए हितधारक 29 जून, 2026 की राजपत्र अधिसूचना GSR 525(E) के भाग C का अवलोकन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर SOP और विस्तृत परिपत्र उपलब्ध हैं।


