
कोरबा / बिलासपुर: (मनोज वर्मा )
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के चेयरमैन बी. साईराम ने शनिवार को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की प्रमुख गेवरा परियोजना का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खदान के विभिन्न पैचों का ज़मीनी निरीक्षण किया और कार्यस्थल पर तैनात विभागीय व ठेका श्रमिकों एवं मशीन ऑपरेटरों से सीधा संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।

निरीक्षण की शुरुआत में चेयरमैन ने व्यू पॉइंट से विशाल गेवरा खदान का अवलोकन किया और माइनिंग प्लान से जुड़ी तकनीकी जानकारियाँ हासिल कीं।
अत्याधुनिक मशीनों का लिया जायज़ा
दौरे के मुख्य आकर्षणों में खदान में प्रयुक्त भारी मशीनों का निरीक्षण रहा। साईराम भारत की पहली 21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले टाटा हिटाची इलेक्ट्रिक शॉवेल पर स्वयं चढ़े और ऑपरेटर केबिन का जायज़ा लिया। उन्होंने ऑपरेटर से मशीन के एर्गोनॉमिक्स तथा सुरक्षा फ़ीचर्स के बारे में विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने पार्थ शॉवेल, 240 टन क्षमता वाले विशाल डंपर और कृष्णा शॉवेल के परिचालन का भी अवलोकन किया।
विभिन्न पैचों का निरीक्षण व श्रमिक संवाद
अध्यक्ष ने खदान के विभिन्न कार्य क्षेत्रों का दौरा किया:
विभागीय पैच: विभागीय ऑपरेटरों और कर्मचारियों से परिचालन दक्षता पर चर्चा की।
केजेएसएल कोल फेस व देव माइनिंग पैच: विभागीय कर्मियों के साथ-साथ ठेकेदार कंपनी के श्रमिकों से सीधी बातचीत की।
अन्य पैच: पीएनसी (PNC) एवं सैनिक माइनिंग पैच का भी बारीकी से जायज़ा लिया।
समीक्षा बैठक और आगे की योजना
दौरे के बाद साईराम ने गेवरा हाउस में एसईसीएल की दीपका और गेवरा टीमों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कोयला उत्पादन, उत्पादकता बढ़ाने और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी) संचालन रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी) योजना/परियोजना नृपेन्द्र नाथ सहित कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अपने दौरे की अगली कड़ी में चेयरमैन कल दीपका एवं कुसमुंडा खदानों का निरीक्षण करेंगे।
