शिक्षा

छत्तीसगढ़ में सुशासन और नीति निर्माण को मिलेगी नई गति: योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

रायपुर — छत्तीसगढ़ में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, शोधपरक और डेटा-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग (राज्य नीति आयोग) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

​इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में सुशासन, नीति निर्माण, संस्थागत क्षमता विकास, साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

  • ​अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण: शासकीय अधिकारियों के नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव और कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, डेटा एनालिटिक्स और इकोनोमेट्रिक्स जैसे आधुनिक विषय शामिल होंगे।
  • ​डेटा-आधारित नीति अनुसंधान: दोनों संस्थान मिलकर नीति अनुसंधान, प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन और रणनीतिक परामर्श के क्षेत्र में कार्य करेंगे। छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर आधारित केस स्टडी और पॉलिसी ब्रीफ तैयार किए जाएंगे।
  • ​विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक अवसर: आईआईएम रायपुर के विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग और कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों से जुड़ने का सीधा अनुभव मिलेगा।
  • ​ज्ञान और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान: नवाचार और नीति संवाद को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और राउंडटेबल बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

​यह पहल छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में अकादमिक उत्कृष्टता और प्रशासनिक अनुभव के अनूठे समन्वय से सुशासन को नए आयाम देगी।

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