
बिलासपुर/सीपत — सार्वजनिक उपक्रमों में खरीद प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, दक्षिण पूर्व मध्य कोयला क्षेत्र (एसईसीएल) के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) हिमांशु जैन ने एनटीपीसी सीपत के अधिकारियों को विशेष मार्गदर्शन दिया।
निवारक सतर्कता पर चल रहे 3 महीने के विशेष अभियान के तहत आयोजित इस सत्र में खरीद प्रक्रिया की हर बारीकी पर गहन मंथन किया गया।

सटीक योजना और निगरानी पर जोर: हिमांशु जैन ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि किसी भी संस्थान की सफलता उसकी मजबूत कार्यप्रणाली और पारदर्शी खरीद व्यवस्था पर टिकी होती है। इसके लिए सही योजना, नियमों का कड़ाई से पालन और सतत निगरानी अनिवार्य है।
शुरुआत से अंत तक पारदर्शिता: सत्र के दौरान प्रोक्योरमेंट (खरीद) की शुरुआत से लेकर अंतिम चरण तक की प्रक्रिया, विभिन्न चयन पद्धतियों, नीतिगत प्रावधानों और अनुबंध प्रबंधन के तकनीकी पहलुओं को आसान भाषा में समझाया गया।
डिजिटल और पेपरलेस कार्यप्रणाली: आज के दौर की मांग के अनुरूप डिजिटल माध्यमों से होने वाली खरीद, डेटा सुरक्षा और रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में एनटीपीसी सीपत के शीर्ष नेतृत्व ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत के हेड ऑफ प्रोजेक्ट सह मुख्य महाप्रबंधक विजय शंकर दुबे सहित महाप्रबंधकगण — सुरोजित सिन्हा (ओ एंड एम), अशोक सरकार (ऑपरेशन एवं एफएम), लिंगम वेंकट रेड्डी (मेंटेनेंस), और डॉ. बैंकिम सामद्दार (प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
साथ ही एसईसीएल से महाप्रबंधक (सतर्कता) संजय प्रसाद दुबे, सहायक महाप्रबंधक कुंदन राठौर, और एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन/जनसंपर्क/राजभाषा) प्रवीण रंजन भारती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम न केवल दोनों महादल संस्थानों (एसईसीएल और एनटीपीसी) के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं, बल्कि कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों और जवाबदेही की संस्कृति को भी बढ़ावा देते हैं।