नई दिल्ली: 15 जुलाई, ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के अवसर पर भारत और यूके के बीच ‘व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता’ (CETA) आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत का अब तक का सबसे व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) करार देते हुए कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
समझौते की मुख्य विशेषताएं:
- निर्यात में भारी उछाल: इस समझौते के तहत यूके को होने वाले लगभग 99% भारतीय निर्यात पर सीमा शुल्क पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग क्षेत्र के निर्यात में अगले कुछ वर्षों में अरबों डॉलर की वृद्धि की उम्मीद है।
- युवाओं और पेशेवरों को लाभ: 75,000 से अधिक भारतीय पेशेवरों को ‘दोहरी सामाजिक सुरक्षा योगदान’ से छूट मिलेगी। साथ ही, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और वित्तीय सेवाओं सहित 137 उप-क्षेत्रों में सेवा निर्यात के नए अवसर खुलेंगे।
- किसानों और मछुआरों की आय में वृद्धि: भारतीय कृषि उत्पादों (जैसे चाय, कॉफी, मसाले, डेयरी) के लिए यूके का 37.5 बिलियन डॉलर का बाजार आसान पहुंच वाला होगा। संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू खाद्य सुरक्षा बनी रहे।
- महिलाओं और SMEs का सशक्तिकरण: छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए विशेष प्रावधान और डिजिटल व्यापार को बढ़ावा दिया गया है। वहीं, यह समझौता महिला उद्यमियों को बाजार तक बेहतर पहुंच और कौशल विकास के अवसर प्रदान करेगा।
विकसित भारत 2047 का संकल्प:
मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के मिशन को गति देगा। यह न केवल भारतीय निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगा, बल्कि आम नागरिकों को भी प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराएगा।
यह समझौता भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का प्रतीक है, जो देश के हर वर्ग—किसानों से लेकर तकनीक विशेषज्ञों तक—को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़कर देश में समृद्धि लाएगा।


