रायपुर

छत्तीसगढ़ बना जल संरक्षण में देश का सिरमौर: ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में हासिल किया पहला स्थान

​रायपुर — वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की दिशा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ (JSJB 3.0) अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण मॉडल प्रस्तुत किया।

​प्रमुख उपलब्धियां और आंकड़े

  • ​शीर्ष स्थान: जल संचय जन भागीदारी के तीसरे चरण (JSJB 3.0) में छत्तीसगढ़ देश भर में अव्वल रहा। इससे पहले के चरणों (JSJB 1.0 और 2.0) में राज्य ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
  • ​विशाल संरचनाएं: अभियान के तीनों चरणों को मिलाकर प्रदेश में 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पंजीयन किया जा चुका है। अकेले तीसरे चरण में 79,775 संरचनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 77,719 का कार्य पूर्ण हो चुका है।
  • ​देश के टॉप-10 जिले: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम जिलों ने देश के शीर्ष 10 जिलों में अपनी जगह बनाई है।
  • ​ब्लॉकों की स्थिति में सुधार: राज्य में पानी की कमी वाले (डार्क जोन) ब्लॉकों की संख्या 26 से घटकर अब 19 रह गई है।

​कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ बना मिसाल

सम्मेलन के दौरान कोरिया जिले से शुरू किए गए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ की देश भर में सराहना हुई। इस अनूठी पहल के तहत किसान स्वेच्छा से अपनी कृषि भूमि का 5 प्रतिशत हिस्सा भू-जल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन के लिए दे रहे हैं। इस हिस्से में ऐसी जल संरचनाएं बनाई जा रही हैं जिससे बारिश का पानी खेत के भीतर ही रुके और धीरे-धीरे जमीन में समा जाए। इस मॉडल ने किसानों को जल संरक्षण का केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार बना दिया है।

​मुख्यमंत्री साय के प्रमुख राष्ट्रीय सुझाव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन में देशव्यापी जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:

  • ​प्रत्येक राज्य अपनी भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करे।
  • ​उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ की शुरुआत की जाए।
  • ​मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जल संरक्षण कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा और BISAG-N के माध्यम से जल संरचनाओं की मैपिंग की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

​इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
login
Wtsp
Search
Insta
CONTACT
error: Content is protected !!