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बस्तर अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और क्षेत्र में आए बदलावों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा झेलने के बाद अब बस्तर शांति और विश्वास के एक नए दौर की ओर तेजी से अग्रसर है।

​मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और बस्तर की जनता के अटूट विश्वास को दिया।

​’बस्तर रोडमैप 2.0′ से होगा सर्वांगीण विकास

​मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के समावेशी विकास पर केंद्रित है। इसके लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है, जिसका लक्ष्य बस्तर को देश का अग्रणी जनजातीय संभाग बनाना है। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे 5 हजार से अधिक गांवों के लगभग 39 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

​जन-कल्याण और बुनियादी सुविधाओं का जाल

​मुख्यमंत्री ने बस्तर में हुए प्रमुख विकास कार्यों के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि शासन की सेवाएं अब अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं:

  • ​स्वास्थ्य: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है।
  • ​आवास और शिक्षा: 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, वहीं बंद पड़े 458 में से 421 विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू किया गया है।
  • ​कनेक्टिविटी: जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना और रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बस्तर को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ा जा रहा है।

​युवाओं और आत्मसमर्पितों के लिए नई राह

​मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को मुख्यधारा में लाने के लिए एक मानवीय और व्यापक पुनर्वास नीति लागू की है, जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों के माध्यम से खेल और संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

​सुरक्षा शिविर अब बनेंगे ‘सेवा केंद्र’

​मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि बस्तर में सुरक्षा शिविरों को अब ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में बहुआयामी सेवा केंद्रों में बदला जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को सरकारी सुविधाएं और आजीविका के साधन आसानी से उपलब्ध हो सकें।

​मुख्यमंत्री ने इस बड़ी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन की सराहना की, साथ ही राज्य के गृह मंत्री और अन्य सहयोगियों के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि आज का बस्तर डर और हिंसा से मुक्त होकर विश्वास और समृद्धि की नई इबारत लिख रहा है।

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