रायपुर

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के दो बड़े निर्णय: उर्वरक प्रबंधन के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति का गठन, अग्निवीर सैनिकों को तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की सुविधा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पूर्व सैनिकों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

​1. उर्वरक आपूर्ति और प्रबंधन के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति का गठन

​प्रदेश के किसानों को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में खाद (उर्वरक) की समय पर और सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

  • ​उद्देश्य: उर्वरक आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन से जुड़े सभी विषयों पर सुझाव, अनुशंसा और मार्गदर्शन प्राप्त करना।
  • ​समिति की संरचना:
    • ​अध्यक्ष: उप मुख्यमंत्री (लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग)
    • ​सदस्य:
      • ​कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री
      • ​सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री
      • ​वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री
    • ​संयोजक: कृषि उत्पादन आयुक्त इस उप समिति के संयोजक होंगे।
  • ​विशेष अधिकार: यह उप समिति जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बैठक में आमंत्रित कर सकेगी और उर्वरक उपलब्धता पर राज्य शासन को अपने सुझाव सौंपेगी।

​2. अग्निवीर सैनिकों के लिए तृतीय श्रेणी के पदों में 10% आरक्षण को मंजूरी

​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में मंत्रिपरिषद ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

  • ​नया नियम: राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026” बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
  • ​किन पदों पर मिलेगा लाभ:
    • ​पुलिस विभाग में आरक्षक के पद
    • ​वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक के पद
    • ​जेल विभाग में प्रहरी के पद
  • ​पात्रता: इस आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति (डिस्चार्ज) प्राप्त की हो।

​निर्णय के लाभ

​सरकार के इस दोतरफा फैसले से एक ओर जहां किसानों को खेती के समय खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर देश की सेवा कर लौटे अग्निवीर सैनिकों के अनुशासन और अनुभवों का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के पुलिस, वन और जेल प्रशासन को मिल सकेगा।

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