बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रवादी विचारक और देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर प्रदेश के सभी संभागीय और जिला मुख्यालयों वाले नगरीय निकायों में डॉ. मुखर्जी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। 6 जुलाई को उनकी 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 10.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी है।
युवाओं के लिए प्रेरणा के केंद्र होंगे प्रतिमा स्थल
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रखर पुरोधा थे। ‘एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान’ के उनके संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को नई पीढ़ी हमेशा याद रखे, इसी उद्देश्य से इन प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बनने वाले डॉ. मुखर्जी का व्यक्तित्व युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
बजट आवंटन का विवरण
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रतिमा स्थापना और परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए बजट का बंटवारा इस प्रकार किया गया है:
- संभागीय मुख्यालय (5): रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर के लिए 50-50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
- जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकाय (27): इन निकायों के लिए 30-30 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसमें 4 नगर निगम और 23 नगर पालिकाएं शामिल हैं।
सौंदर्यीकरण पर रहेगा विशेष जोर
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल प्रतिमा की स्थापना ही नहीं, बल्कि उस पूरे परिसर का आकर्षक और व्यवस्थित सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। इससे शहरों में बेहतर और सुंदर सार्वजनिक स्थल विकसित होंगे, जो नागरिकों को एक स्वच्छ और प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करेंगे।
श्री साव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि जल्द से जल्द इन स्थलों का लाभ आम जनता को मिल सके।


