मनोज वर्मा
रायपुर: छत्तीसगढ़ की लोक कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली महान पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई का निधन हो गया है। उनके निधन से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के कला जगत में शोक की लहर है।
दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
तीजन बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, तथा केंद्रीय आवास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने गहरा शोक व्यक्त किया है और उन्हें सविनय श्रद्धांजलि अर्पित की है। नेताओं ने उनके निधन को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
साधारण परिवेश से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
एक अत्यंत साधारण परिवेश से निकलकर, तीजन बाई ने अपनी प्रतिभा, कठिन साधना और दृढ़ संकल्प के बल पर छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति को न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गौरवपूर्ण पहचान दिलाई। उनका जीवन संघर्ष, अटूट आत्मविश्वास और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की एक प्रेरणादायक गाथा है।
अनेक सम्मानों से थीं अलंकृत
तीजन बाई को उनकी अद्वितीय गायकी के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा गया था। उन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक अन्य सम्मानों से भी अलंकृत किया गया था।
सांस्कृतिक चेतना में सदैव जीवित रहेंगी
इस दुखद अवसर पर उन्हें ‘छत्तीसगढ़ महतारी की स्वर-कोकिला’ के रूप में याद किया गया, जिन्होंने अपनी आवाज के जरिए दुनिया को पंडवानी से परिचित कराया। उनका योगदान सदैव हमारी सांस्कृतिक चेतना में जीवित रहेगा। कला-जगत और उनके प्रशंसकों ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।


