Wednesday, August 5, 2026

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव: 362 बने प्रोफेसर, सैकड़ों युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खुले

मनोज वर्मा

रायपुर: छत्तीसगढ़ का उच्च शिक्षा विभाग इन दिनों बड़े और क्रांतिकारी बदलावों के दौर से गुजर रहा है। राज्य सरकार ने अकादमिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र ‘परिवर्तनकारी मॉडल’ लागू किया है। इस पहल से न केवल महाविद्यालयों को नया नेतृत्व मिला है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए सरकारी सेवा के अवसर भी खुले हैं।

प्रमुख उपलब्धियां: एक नज़र में

  • नेतृत्व को मिली मजबूती: शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 में 362 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्रोफेसर बनाया गया है। साथ ही, 152 प्राध्यापकों को प्राचार्य के पद पर पदोन्नति दी गई है।
  • युवाओं के लिए नौकरियों की बहार: प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए 595 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, विभाग ने 700 नए पदों की मंजूरी दी है, जिनमें सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ाधिकारी शामिल हैं।
  • तकनीकी तंत्र सुदृढ़: लैब और तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 247 प्रयोगशाला तकनीशियन और 399 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति आदेश दिए जा चुके हैं।
  • कर्मचारियों के लिए सौगात: सरकार ने 72 सहायक प्राध्यापकों के 37.23 करोड़ रुपये के एरियर्स का भुगतान किया है। साथ ही, 935 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर उन्हें स्थायी सेवा सुरक्षा का तोहफा दिया है।
  • अनुकंपा और कल्याण: विभागीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 34 अनुकंपा नियुक्तियां दी गई हैं और 324 कर्मचारियों को उच्चतर समयमान वेतनमान का लाभ मिला है।
  • शोध और अकादमिक विकास: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 577 शिक्षकों को पीएचडी करने की अनुमति दी गई है, जिससे कॉलेजों में शोध का स्तर और बेहतर होगा।

CG-SET परीक्षा: भविष्य संवारने का मौका

​राज्य में सहायक प्राध्यापक बनने की चाह रखने वाले उम्मीदवारों के लिए 04 अक्टूबर 2026 को राज्य पात्रता परीक्षा (CG-SET) प्रस्तावित है। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ के युवाओं को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में अपना करियर बनाने का एक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगी।

संवेदनशील और भविष्योन्मुखी नीति:

सहायक संचालक विष्णु प्रसाद वर्मा के अनुसार, राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल भवनों और परीक्षाओं तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य के ‘ज्ञान-केंद्रों’ के रूप में विकसित कर रही है। यह प्रयास न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को अकादमिक रूप से और अधिक सक्षम और मजबूत बनाएगा।

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Bilaspur Bulletin

Editor in chief
Kamal kumar gupta
BJMC ,MJMC, ph,D (per)

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