बिलासपुर/नई दिल्ली | 13 जुलाई 2026
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की महत्वाकांक्षी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल, ‘एसईसीएल के सुश्रुत’, ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना के साथ, यह देश की किसी भी कोल पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) की पहली ऐसी सीएसआर योजना बन गई है, जिसे भारत सरकार के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचित किया गया है।
पारदर्शिता और तकनीक का मेल
इस अधिसूचना के बाद, ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ योजना के तहत अब आधार प्रमाणीकरण की सुविधा शुरू की जा रही है। कोयला मंत्रालय ने इसे ‘आधार (वित्तीय एवं अन्य सब्सिडी, लाभ एवं सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016’ के अंतर्गत लागू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य योजना के तहत मिलने वाले लाभों का वितरण अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक-आधारित बनाना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाभार्थी आधार प्रमाणीकरण का विकल्प नहीं चुनना चाहता है, तो उनके लिए सरकार द्वारा स्वीकृत अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों के माध्यम से भी लाभ प्राप्त करने की सुविधा बरकरार रहेगी।
मेधावी छात्रों के लिए वरदान
वर्ष 2023 में शुरू की गई ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ का लक्ष्य कोयलांचल के क्षेत्रों में रहने वाले मेधावी विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने में मदद करना है। इस योजना के तहत नीट (NEET) परीक्षा के लिए छात्रों को निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जाती है।
योजना की सफलता का अंदाजा इसके परिणामों से लगाया जा सकता है:
- प्रथम बैच (2023-24): 40 में से 39 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की, जिसमें 11 छात्रों ने एमबीबीएस में दाखिला लिया।
- द्वितीय बैच (2024-25): 40 में से 31 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की और विभिन्न सरकारी संस्थानों में प्रवेश सुनिश्चित किया।
संस्थागत मजबूती की ओर एक कदम
इससे पहले ‘एसईसीएल के सुश्रुत’ को भारत सरकार के ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)’ पोर्टल पर सूचीबद्ध होने वाली पहली और एकमात्र कोल पीएसयू सीएसआर योजना होने का गौरव प्राप्त हुआ था। राजपत्र में अधिसूचना के बाद, इस योजना को अब एक सुदृढ़ संस्थागत आधार मिल गया है, जिससे भविष्य में लाभार्थियों तक सेवा वितरण और अधिक जवाबदेह एवं सुगम हो जाएगा।
यह उपलब्धि एसईसीएल की सामाजिक सरोकार के प्रति प्रतिबद्धता और शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव लाने के उनके संकल्प को दर्शाती है।


