बिलासपुर, 09 जुलाई 2026 ( मनोज वर्मा )
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने खनन क्षेत्र में अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कोयला मंत्रालय द्वारा घोषित स्टार रेटिंग में एसईसीएल की पांच खदानों को ‘5-स्टार’ रेटिंग प्रदान की गई है। खनन के मानकों में इस शीर्ष पायदान पर पहुंचना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इन खदानों ने जीता गौरव
कोयला मंत्रालय की ओर से जिन पांच खदानों को सम्मानित किया गया है, उनमें चार भूमिगत (Underground) और एक ओपनकास्ट परियोजना शामिल है:
- बंगवार यूजी (सोहागपुर क्षेत्र)
- खैराहा यूजी (सोहागपुर क्षेत्र)
- बेहराबांध यूजी (जोहिला क्षेत्र)
- विजय वेस्ट यूजी (हसदेव क्षेत्र)
- जगन्नाथपुर ओपनकास्ट परियोजना (भटगांव क्षेत्र)
क्या है सफलता का आधार?
कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग प्रणाली खदानों के प्रदर्शन का एक व्यापक पैमाना है। 5-स्टार रेटिंग उन परियोजनाओं को दी जाती है जो निम्नलिखित मानकों पर सर्वश्रेष्ठ साबित होती हैं:
- सुरक्षित एवं वैज्ञानिक खनन: खदान संचालन में सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन।
- पर्यावरण संरक्षण: हरित विकास (Green Belt) और जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्य।
- परिचालन दक्षता: उत्पादन और आधुनिक तकनीक का बेहतर तालमेल।
- श्रमिक कल्याण: खदान कर्मियों की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए उठाए गए कदम।
- वैधानिक अनुपालन: सरकारी नियमों और सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम: सीएमडी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा, “पांच खदानों का एक साथ 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करना पूरे एसईसीएल परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह हमारे अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी सहयोगियों के सामूहिक समर्पण का परिणाम है। हम आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल खनन के अपने संकल्प को और मजबूत करेंगे।”
ऊर्जा सुरक्षा में अग्रणी भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि एसईसीएल की यह उपलब्धि न केवल कंपनी की साख बढ़ाती है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक है। जगन्नाथपुर ओपनकास्ट परियोजना का विशेष प्रदर्शन यह दर्शाता है कि बड़े स्तर पर खनन के बावजूद पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाना संभव है।
लगातार खदानों का दौरा कर सुरक्षा मानकों की खुद निगरानी करने वाले श्री दुहन का जोर अब इस सफलता के क्रम को अन्य परियोजनाओं तक ले जाने पर है, ताकि आने वाले समय में एसईसीएल का नाम सुरक्षित और जिम्मेदार खनन के पर्याय के रूप में और अधिक स्थापित हो सके।


