मुख्य विषय :
- घना अंधेरा: नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 47- में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें और कॉलोनियों की लाइटें पूरी तरह बंद हैं। वार्ड क्रमांक 47 के पार्षद मोहन श्रीवास का निवास वार्ड क्रमांक 48 में आता है इसलिए वार्ड क्रमांक 48 का कुछ एरिया को भी इस गंभीर परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है
- खतरा: बरसात के मौसम में अंधेरे के कारण सांप, बिच्छू और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप चरम पर पहुंच गया है।
- अधिकारियों की उदासीनता: स्थानीय लोगों के बार-बार कॉल करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी नरेश पटेल फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं।
- पार्षद का समर्थन: वार्ड के कांग्रेस पार्षद मोहन श्रीवास भी जनता के साथ खुलकर मैदान में उतर आए हैं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है।
- राजनीतिक भेदभाव का आरोप: रहवासियों और पार्षद का आरोप है कि राजनीतिक कारणों से वार्ड की बुनियादी सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
विस्तृत समाचार:
बिलासपुर:
नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 47 में बुनियादी समस्याओं और प्रशासनिक लापरवाही ने स्थानीय रहवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। वार्ड की तमाम स्ट्रीट लाइटें और कॉलोनियों की लाइटें खराब होने के कारण पूरा क्षेत्र रात के समय घुप अंधेरे में डूब जाता है। इस गंभीर समस्या से त्रस्त जनता और पार्षद मोहन श्रीवास अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं।
बरसात में जानलेवा साबित हो रहा अंधेरा
वर्तमान में बरसात का मौसम चल रहा है, जिसके कारण वार्ड में पानी भरने और झाड़ियों के उगने से सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। गलियों और सड़कों पर लाइट न होने के कारण रात के वक्त लोगों का पैदल चलना या घरों से बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
पार्षद मोहन श्रीवास का कड़ा रुख
वार्ड के लोकप्रिय पार्षद मोहन श्रीवास खुद इस मुद्दे पर जनता के समर्थन में उतर आए हैं। पार्षद और स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि वार्ड में कांग्रेस पार्षद होने के कारण राजनीतिक द्वेष और भेदभाव के तहत जानबूझकर विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा की जा रही है।
जिम्मेदारों की तानाशाही: फोन तक नहीं उठा रहे नरेश पाटीदार
संकट की इस घड़ी में जब क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क साधना चाहा, तो उनकी संवेदनहीनता सामने आ गई। रहवासियों का आरोप है कि अधिकारी नरेश पटेल को लगातार फोन करने के बावजूद वे कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं, जो उनकी कार्यप्रणाली और तानाशाही रवैये को साफ दर्शाता है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
वार्ड की जनता और पार्षद ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वार्ड की सभी बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू नहीं किया गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो नगर निगम के खिलाफ बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


