बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने 12-13 जुलाई की दरमियानी रात ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ (विशेष गृह) में चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर फरार होने वाले चार किशोर अपचारियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए कोरबा, रायगढ़, बिहार, अनूपपुर और उत्तर प्रदेश के लिए विशेष टीमें रवाना की थीं, जिसके परिणाम अब सामने आने लगे हैं। शेष तीन आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को रायगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और पुलिस का दावा है कि जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।
प्रशासन की चेतावनी: बरगलाने वालों की खैर नहीं
पुलिस ने विज्ञप्ति के माध्यम से स्पष्ट किया है कि घटना के बाद से ही प्रशासन नियमानुसार मृतक के परिजनों को हर संभव सहायता और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। हालांकि, पुलिस ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि कुछ “तथाकथित युवाओं” द्वारा मृतक के परिजनों को अनुचित मांगों के लिए बरगलाया जा रहा है।
बिलासपुर पुलिस ने ऐसे लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। पुलिस के अनुसार, “पर्दे के पीछे से धरना-प्रदर्शन के लिए उकसाने वाले और उपद्रव फैलाने वाले लोग, जो पहले से ही कई गंभीर अपराधों में आरोपी हैं और जमानत पर बाहर हैं, उनकी पहचान की जा रही है। ऐसे सभी लोगों की सूची तैयार कर उनकी जमानत निरस्त कराने हेतु न्यायालय में आवेदन दिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
परिजनों के स्वास्थ्य और संवेदनशीलता का रखा जा रहा ध्यान
प्रशासन ने बताया कि मृतक के परिवार के प्रति उनकी पूरी संवेदना है। 18 जुलाई को जब मृतक की पत्नी की तबीयत बिगड़ी, तो अनुभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देश पर उन्हें तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया गया। चिकित्सा सलाह के बाद तहसीलदार और थाना प्रभारी सरकंडा की समझाइश पर उन्हें उपचार के लिए सिम्स (CIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शांति की अपील
बिलासपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने धरना स्थल पर मौजूद लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें। पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि इस जघन्य घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ पारदर्शी और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।


